सवाईमाधोपुर: जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 33 हस्तियां सम्मानित
शिक्षा के क्षेत्र में भौतिक और शैक्षिक संसाधन बढ़ाने के लिए सवाईमाधोपुर में 24 भामाशाहों और 9 प्रेरकों को शिक्षा श्री सम्मान से नवाजा गया।

तस्वीर में सवाईमाधोपुर के कार्यक्रम के दौरान अधिकारी भामाशाह को सम्मान पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित करते हुए।
सवाईमाधोपुर के मानटाउन क्लब में सोमवार को आयोजित 30वें जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह ने सेवा और समर्पण की एक नई इबारत लिखी। शिक्षा के क्षेत्र में भौतिक और शैक्षिक संसाधनों को सुदृढ़ करने में अपना अमूल्य योगदान देने वाले 24 भामाशाहों और 9 प्रेरकों को इस गरिमामयी समारोह में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों के विकास में भामाशाहों का सहयोग अनुकरणीय है, जो समाज के अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है। उन्होंने न केवल दानदाताओं की प्रशंसा की, बल्कि उन प्रेरकों के योगदान को भी रेखांकित किया, जिन्होंने समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करने में सेतु का कार्य किया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) देवीलाल मीणा ने आयोजन की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष के दौरान विद्यालयों को सहयोग प्रदान करने वाले और 'ज्ञान संकल्प पोर्टल' पर अनुमोदित भामाशाहों व प्रेरकों को उनकी सहायता राशि के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाता है। नियमानुसार एक लाख से 30 लाख रुपये तक का सहयोग करने वाले भामाशाहों और पांच लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि हेतु प्रेरित करने वाले प्रेरकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इससे अधिक राशि का सहयोग करने वाले दानदाताओं का चयन राज्य स्तरीय सम्मान के लिए होता है, जिसके अंतर्गत इस सत्र में जिले से चार भामाशाहों और एक प्रेरक का चयन किया गया है।
समारोह में उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) हरकेश लाल मीणा ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और शिक्षा के उत्थान के लिए अपनी कमाई का अंश समर्पित करना सबसे बड़ा पुण्य है। एडीपीसी दिनेश गुप्ता ने भामाशाहों की पहल को जिले में विद्यालयों की बदलती दिशा और बेहतर शैक्षिक माहौल का आधार बताया। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसारिया ने भी अपने उद्बोधन से दानदाताओं का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर प्रत्येक ब्लॉक से पांच-पांच पीईओ, प्रधानाचार्यों और यूसीईईओ परिक्षेत्र के सभी संस्था प्रधानों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सवाईमाधोपुर और बामनवास के सीबीईओ सहित शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। चंद्र मोहन शर्मा और गीता जैलिया के सफल संचालन के पश्चात राष्ट्रगान के साथ इस गौरवमयी समारोह का समापन हुआ। भामाशाहों और प्रेरकों का यह संयुक्त प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसी सुखद भविष्य की नींव रख रहा है, जहाँ सुविधाओं के अभाव में कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। यह सम्मान समारोह केवल एक पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि शिक्षा के मंदिर को संवारने वाले उन नायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक मंच था, जिनकी दूरदर्शिता आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त कर रही है।

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