सवाई माधोपुर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सवाई माधोपुर के एडीआर सेंटर में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पर्यावरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश मुखर हुआ। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित की अध्यक्षता में न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा एडीआर स्टाफ ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। इस शपथ के माध्यम से सभी ने प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग, जल संरक्षण को प्रोत्साहन देने और अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के मुख्य चरण में जिला मुख्यालय के न्यायिक अधिकारियों ने भीषण गर्मी के दौर में बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के उद्देश्य से परिसर में परिण्डे बांधे। साथ ही, पर्यावरण को हरा-भरा और स्वस्थ बनाने की मुहिम के तहत जिला न्यायालय परिसर में विशेष वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस पुनीत कार्य में विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-1 मीनाक्षी जैन, विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-2 प्रेमराज सिंह चन्द्रावत, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ. प्रियंका पारीक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं कार्यवाहक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मयंक पालीवाल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गार्गी चौधरी तथा अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 अनिता रजवानियां ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए परिण्डे स्थापित किए और पौधे रोपे।

इस अवसर पर जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने अपने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण महज एक दिवस तक सीमित अनुष्ठान नहीं, बल्कि हर नागरिक का नित्य कर्तव्य है। उन्होंने वर्तमान बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को अपरिहार्य बताया और उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे अपने निवास एवं आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए परिण्डे लगाएं और वृक्षारोपण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। वहीं, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता के माध्यम से पर्यावरण संतुलन में योगदान देने पर बल दिया।

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