सवाई माधोपुर: नाबार्ड के सहयोग से महिलाओं के लिए डेयरी उत्पाद प्रशिक्षण शुरू
कुस्तला में 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को डेयरी उद्यमिता और प्रबंधन के गुर सिखाए जा रहे हैं।

सवाई माधोपुर के कुस्तला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को डेयरी उत्पाद निर्माण और प्रबंधन की जानकारी देते प्रशिक्षक। इस सत्र में जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक प्रदीप कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में जिला अग्रणी बैंक और नाबार्ड ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सवाई माधोपुर के कुस्तला में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से आरुही विकास संस्थान द्वारा आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्घाटन जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक प्रदीप कुमार एवं स्थानीय सरपंच कृष्ण गोपाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को डेयरी उत्पाद निर्माण के क्षेत्र में दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।
इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान राजस्थान आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को डेयरी आधारित सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने महिलाओं को सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और यह समझाया कि किस प्रकार वे डेयरी क्षेत्र में निवेश कर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकती हैं। प्रशिक्षण की प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें चित्रों और वीडियो के माध्यम से डेयरी उत्पादों के निर्माण की व्यवहारिक बारीकियों को समझाया गया ताकि प्रतिभागी इन कौशलों को सहजता से आत्मसात कर सकें।
संस्था के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि अगले 10 दिनों तक चलने वाले इस सघन प्रशिक्षण में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं, बल्कि उद्यम स्थापना, कुशल प्रबंधन, प्रभावी विपणन (मार्केटिंग) और वित्तीय सशक्तिकरण जैसे अनिवार्य विषयों पर भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का एक प्रमुख पहलू महिलाओं को बैंक ऋण सुविधाओं और स्वरोजगार के अवसरों से अवगत कराना है, ताकि भविष्य में वे वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपने स्वयं के सफल व्यवसाय का संचालन कर सकें। कार्यक्रम के दौरान आरसीटी के निदेशक नीरज गोपालिया, प्रशिक्षक एवं आजीविका विशेषज्ञ अविनाश कुमार पांडे, संस्था के पदाधिकारी अखिलेश सिंह, जिला समन्वयक दिनेश माली और प्रशिक्षण सहयोगियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी, बल्कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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