सवाई माधोपुर, 26 मई। राजस्थान में जल संकट के स्थाई समाधान और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए "वंदे गंगा" जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अंतर्गत सवाई माधोपुर में आगामी 28 मई को एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यशाला का आयोजन होने जा रहा है। जिला प्रशासन एवं जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र, सवाई माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली यह उच्च स्तरीय कार्यशाला प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर काना राम की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न होगी। इस रणनीतिक बैठक में जिले भर की प्रमुख सीएसआर कंपनियों, औद्योगिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं सहित समस्त मध्यम एवं वृहद औद्योगिक इकाइयों के शीर्ष प्रतिनिधि एक मंच पर जुटकर जल आत्मनिर्भरता का खाका तैयार करेंगे।

औद्योगिक सहभागिता और सरकारी योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक पंकज मीना ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस विशेष कार्यशाला का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.2 एवं 2.3 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए औद्योगिक जगत से सीएसआर (CSR) राशि जुटाना और व्यापक जनसहयोग प्राप्त करने की संभावनाओं पर गहन चर्चा करना है। इस अभियान के माध्यम से न केवल जल संचय के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

इस प्रशासनिक एवं कॉर्पोरेट महामंथन के दौरान उद्यमियों और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों को कई अन्य तकनीकी और व्यावहारिक विषयों पर भी प्रशिक्षित व जागरूक किया जाएगा। कार्यशाला में मुख्य रूप से गैप फंडिंग की व्यवस्था, औद्योगिक इकाइयों के लिए जल उपयोग अंकेक्षण (वॉटर ऑडिट), और राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी “कर्मभूमि से मातृभूमि” अभियान के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति एवं उनके लोकार्पण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण के आधुनिक मानकों जैसे ग्रीन ऑफिस इनिशिएटिव, ऊर्जा दक्षता (एनर्जी एफिशिएंसी) तथा उद्योगों के लिए ग्रीन बजट संबंधी महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत कानूनी और आधिकारिक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सभी सक्रिय औद्योगिक इकाइयों, कॉर्पोरेट घरानों और स्वयंसेवी संस्थाओं को जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) से जुड़ी गतिविधियों में सीधे तौर पर जोड़ना और उन्हें सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करना है। सामूहिक प्रयासों से जिले के जल स्तर को सुधारने की इस मुहिम को गति देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संबंधित सीएसआर समिति के सभी सदस्यों, कंपनियों और प्रतिष्ठित औद्योगिक संगठनों को इस बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लेने हेतु आमंत्रित किया गया है, जो सवाई माधोपुर के भविष्य को हरा-भरा और जल-सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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