सवाई माधोपुर: वक्फ भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नीमली रोड स्थित कब्रिस्तान और ईदगाह की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के विरोध में मुस्लिम समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी।

सवाई माधोपुर में बुधवार को वक्फ भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे को लेकर जिला वक्फ कमेटी के सदर और शहर काजी ने जिला कलेक्टर काना राम को ज्ञापन सौंपा।
सवाई माधोपुर। जिले में वक्फ संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण का प्रकरण अब पूरी तरह गरमा गया है। इस गंभीर विषय को लेकर बुधवार को जिला वक्फ कमेटी के सदर असरार अहमद के नेतृत्व में समाज के प्रबुद्ध प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर काना राम से मुलाकात कर एक स्वर में सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल में शहर काजी निसारउल्लाह, शहर काजी इरफान उल्लाह, डॉ. अकरम खान, खलील अहमद, अखलाक अहमद, रईसउद्दीन (मुल्ला), एडवोकेट इमामुद्दीन, एडवोकेट अब्दुल हासिब और तनवीर आगा सहित समाज के कई जिम्मेदार नागरिक शामिल रहे, जिन्होंने ज्ञापन सौंपकर वक्फ भूमि के संरक्षण की पुरजोर मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया गया कि नीमली रोड स्थित कब्रिस्तान, कर्बला और ईदगाह की भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज एवं सुरक्षित है, पर कुछ भू-माफियाओं द्वारा सुनियोजित तरीके से अवैध प्लॉटिंग कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। मूलतः धार्मिक और सामुदायिक कार्यों के लिए आरक्षित इस बेशकीमती भूमि का निजी स्वार्थ के लिए दुरुपयोग किया जाना अत्यंत चिंताजनक है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि भू-माफिया बिना किसी वैध स्वीकृति के भूमि का समतलीकरण कर रहे हैं, वहां स्थित हरे-भरे पेड़ों की निर्मम कटाई की जा रही है और देखते ही देखते अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इस कृत्य से न केवल वक्फ संपत्ति को अपूरणीय क्षति पहुंच रही है, बल्कि मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है।
समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि इन अवैध कब्जों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए और वक्फ भूमि की सीमाओं का पुनः भौतिक सत्यापन कर उसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ज्ञापन सौंपते समय प्रतिनिधियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस भू-माफिया तंत्र पर अंकुश नहीं लगाया, तो समाज उग्र आंदोलन की राह चुनने के लिए बाध्य होगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर त्वरित और उचित वैधानिक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।

