सवाई माधोपुर: ग्राम उत्थान शिविर से बदली भाड़ौती की तस्वीर, प्रभारी सचिव ने परखा विकास का जमीनी सच
सवाई माधोपुर के भाड़ौती में आयोजित 'ग्राम उत्थान शिविर 2026' में जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने शिरकत की। शिविर में कृषि, पशुपालन और सौर ऊर्जा से जुड़ी दर्जनों योजनाओं का लाभ मौके पर ही पात्र ग्रामीणों को दिया गया। जिला कलक्टर काना राम सहित आला अधिकारियों की मौजूदगी में तारबंदी और सौर पंप जैसी योजनाओं की तत्काल स्वीकृति दी गई, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिली है।

सवाई माधोपुर। राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी मंशा को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विकास की नई लहर दौड़ रही है, जिसका केंद्र बिंदु अब सीधे गांव और ढाणियां बन गई हैं। इसी कड़ी में शनिवार को सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भाड़ौती में 'ग्राम उत्थान शिविर 2026' का आयोजन किया गया, जो ग्रामीणों के लिए उम्मीदों का नया सूरज बनकर उभरा। इस महत्वपूर्ण शिविर का जायजा लेने के लिए राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम (रीको), जयपुर की प्रबन्ध निदेशक एवं जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार स्वयं मौके पर पहुंचीं। उनके इस दौरे ने न केवल प्रशासनिक मशीनरी को गति दी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि सरकारी योजनाओं की अंतिम कड़ी का लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके।
भाड़ौती के इस शिविर में प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी से 9 फरवरी तक चलने वाले इन विशेष शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सूचना के अभाव में लाभ से वंचित न रहे। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सक्रियता दिखाते हुए उन लोगों को भी शिविर से जोड़ें जिन्हें अब तक इन योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाई है। शिविर के दौरान माहौल तब और भी उत्साहजनक हो गया जब जिला कलक्टर काना राम ने मौके पर ही योजनाओं की प्रगति की जानकारी साझा की। कलक्टर ने बताया कि शिविर स्थल पर ही तारबंदी, डिग्गी निर्माण, पाइप लाइन बिछाने, फार्म पौंड, फव्वारा एवं ड्रिप सिंचाई, और सौर पंप जैसी कृषि प्रधान योजनाओं की स्वीकृतियां तुरंत जारी की जा रही हैं, जिससे किसानों के चेहरे पर संतोष दिखाई दिया।
विकास की यह प्रक्रिया केवल कृषि तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें पशुपालन और ऊर्जा क्षेत्र को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के लंबित मामलों का निस्तारण करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुओं का पंजीकरण और टीकाकरण भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर योजना के तहत ग्रामीणों का पंजीकरण किया गया, वहीं नए किसान क्रेडिट कार्ड और कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदनों को भी प्राथमिकता दी गई। स्वामित्व कार्डों का वितरण और नहरों एवं खालों की मरम्मत जैसे बुनियादी कार्यों ने इस शिविर को पूर्णतः सफल बनाया।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रशासनिक और जन-प्रतिनिधियों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। आयोजन के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुड़ानिया, उपखण्ड अधिकारी मलारना डूंगर संदीप कुमार बेरड़, और प्रधान मलारना डूंगर देवपाल मीना ने सक्रिय भागीदारी निभाई। साथ ही सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, संयुक्त निदेशक कृषि राकेश कुमार अटल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम उत्थान शिविर 2026 न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का केंद्र बना, बल्कि इसने प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी को पाटकर सुशासन की एक नई मिसाल पेश की है। शिविर की यह सफलता आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।

Pratahkal Bureau
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