सवाई माधोपुर: वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान पर मीडिया राउण्ड टेबल कार्यशाला
जल संरक्षण के लिए जिला प्रशासन और मीडिया ने बनाई रणनीति, जीआईएस तकनीकों के जरिए भू-जल स्तर सुधारने पर जोर।

सवाई माधोपुर में जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग द्वारा आयोजित मीडिया राउण्ड टेबल में अधीक्षण अभियंता संजय माथुर ने जल संरक्षण अभियानों की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
सवाई माधोपुर, 3 जून। राज्य सरकार द्वारा प्रदेशव्यापी स्तर पर 25 मई से संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के अंतर्गत बुधवार को सवाई माधोपुर में एक महत्वपूर्ण मीडिया राउण्ड टेबल कार्यशाला का आयोजन किया गया। जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं पर्यावरण सुरक्षा को एक प्रभावी जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करना रहा। कार्यशाला में जलग्रहण विकास विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय माथुर, सहायक वन संरक्षक मनीषा शर्मा और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभियान की अब तक की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
अधीक्षण अभियंता संजय माथुर ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर बल देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत जलग्रहण क्षेत्रों का चयन अब जीआईएस एवं हाइड्रोलॉजिकल तकनीकों के माध्यम से किया जा रहा है। इस उन्नत प्रणाली से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जल प्रवाह, ढलान और भू-उपयोग का सटीक आंकलन कर भू-जल स्तर को रिचार्ज करने की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। जिले में वाटरशेड, वन, पंचायतीराज और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभाग आपसी समन्वय से कार्य कर रहे हैं, जिसमें जल स्रोतों की डी-सिल्टिंग, चेक डैम, फार्म पॉण्ड, रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज शाफ्ट के निर्माण पर विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
अभियान की उपलब्धियों को साझा करते हुए श्री माथुर ने जानकारी दी कि 25 मई से 2 जून तक जिले में 52 हजार 596 से अधिक गतिविधियां आयोजित की गई हैं, जिससे सवाई माधोपुर को प्रदेश के शीर्ष जिलों में स्थान प्राप्त हुआ है। इस अवधि में 5.79 लाख नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही और 6 हजार 605 स्थानों पर श्रमदान का कीर्तिमान स्थापित किया गया। साथ ही, 1488 जल स्रोतों का पुनर्जीवन और 2562 सरकारी संस्थानों में स्वच्छता गतिविधियां संपन्न हुई हैं। अभियान के अंतर्गत 1022 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण एवं अवलोकन किया गया, जबकि 487 नए जल संरक्षण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। आगामी मानसून सत्र में “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत 20 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यशाला के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया जगत के पत्रकारों ने सफल मॉडलों के व्यापक प्रचार-प्रसार, स्कूल-कॉलेज स्तर पर जनजागरूकता और फील्ड विजिट के माध्यम से कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग पर जोर दिया। अधिकारियों ने मीडिया से इन नवाचारों और जनभागीदारी की सफलता की कहानियों को जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह किया। अंत में, उपस्थित प्रतिनिधियों के बीच अभियान से संबंधित जागरूकता पम्पलेट वितरित किए गए, जिससे आमजन को जल संरक्षण के प्रति और अधिक प्रेरित किया जा सके।

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