राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविर अभियान-2026 ने उन सैकड़ों परिवारों के जीवन में खुशियों का नया अध्याय लिख दिया है, जो लंबे समय से अपने आशियाने के कानूनी दस्तावेजों की बाट जोह रहे थे। इसी कड़ी में बालाजी विहार कॉलोनी निवासी नरेन्द्र कुमार सैनी का दो वर्षों का लंबा संघर्ष अंततः सार्थक हो गया, जब नगर परिषद द्वारा आयोजित शिविर में उन्हें उनके मकान का बहुप्रतीक्षित आवासीय पट्टा सौंपा गया। पट्टा हाथ में आते ही नरेन्द्र की आंखों में छाई अनिश्चितता की धुंध छंट गई और उनके चेहरे पर लंबे समय से प्रतीक्षित सुकून साफ झलक उठा।

नरेन्द्र कुमार सैनी ने वर्ष 2023 में अपने मकान के पट्टे के लिए विधिवत आवेदन किया था, परंतु तकनीकी और प्रक्रियागत बाधाओं के चलते उनका प्रकरण लंबित पड़ा रहा। मालिकाना हक के अभाव में न केवल वे मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, बल्कि सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी वंचित थे। बार-बार के प्रयासों के बाद भी जब उन्हें सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने एक बार फिर पूरी उम्मीद के साथ शहरी सेवा शिविर में ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया। इस बार प्रशासन ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके मामले को प्राथमिकता सूची में लिया और त्वरित प्रक्रिया अपनाते हुए सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने स्वयं उन्हें पट्टा सौंपा, जिससे वर्षों पुरानी यह समस्या पल भर में सुलझ गई।

यह शिविर केवल नरेन्द्र सैनी के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य परिवारों के लिए भी सौभाग्य का दिन सिद्ध हुआ। आयुक्त दलीप पूनिया की निगरानी में शिविर के दौरान एक ही दिन में नरेन्द्र कुमार सैनी समेत कंचन, मुरारीलाल, राजेश मीना, दीपक चांवला और बद्रीलाल मीना सहित कुल 10 लाभार्थियों को उनके आवासीय पट्टे वितरित किए गए। दस्तावेज़ प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। उन्होंने राज्य सरकार की इस पहल को आमजन की समस्याओं के निवारण हेतु एक अत्यंत प्रभावी और व्यावहारिक कदम बताया।

नगर परिषद द्वारा संचालित इस अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन का दृष्टिकोण जन-हितैषी हो, तो प्रशासनिक जटिलताओं को दूर करना कठिन नहीं है। पट्टा प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अब उन्हें न केवल अपने मकान का पूर्ण स्वामित्व मिल गया है, बल्कि भविष्य में बैंक ऋण जैसी सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए लाभार्थियों ने इसे आम नागरिक के जीवन को सुरक्षित और सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव करार दिया है। सवाई माधोपुर में आयोजित यह शिविर उन नागरिकों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है जो अभी भी अपने अधिकारों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story