सवाई माधोपुर: 'शहरी सेवा शिविर' बना आमजन के लिए राहत का केंद्र, समस्याओं का हो रहा त्वरित निस्तारण
सवाई माधोपुर में आयोजित 'शहरी सेवा शिविर 2026' ने आमजन की वर्षों पुरानी समस्याओं का एक ही स्थान पर समाधान कर राहत पहुँचाई है। नगर परिषद आयुक्त की निगरानी में शिविर की क्या है अगली रूपरेखा और कैसे मिल रहा है योजनाओं का सीधा लाभ, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

सवाई माधोपुर में नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया शहरी सेवा शिविर में आमजन की समस्याओं को सुनते हुए, जहाँ पट्टा और प्रमाण पत्र समेत 49 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
सवाई माधोपुर में राजस्थान सरकार के लोक कल्याणकारी विजन को साकार करते हुए आयोजित 'शहरी सेवा शिविर 2026' स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। दशकों से लंबित पड़ी समस्याओं और प्रशासनिक उलझनों को अब एक ही छत के नीचे सुलझाया जा रहा है, जिससे आमजन को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है। यह शिविर न केवल जनकल्याणकारी योजनाओं का सेतु बना है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाने का भी एक सफल प्रयास है।
बुधवार को नगर परिषद परिसर में आयोजित शिविर की कमान नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने संभाली। इस दौरान उन्होंने आमजन की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों तथा कार्मिकों को परिवादों के तत्काल निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। शिविर की प्रभावशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में नगर परिषद द्वारा नाम हस्तांतरण, पट्टा उप-विभाजन, भवन निर्माण स्वीकृति, तथा जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन से संबंधित कुल 49 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
आयुक्त दलीप पूनिया ने आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि 25 जून को नगर परिषद के वार्ड संख्या 19 से 24 के निवासियों के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के दायरे में नगर विकास से जुड़े तमाम बुनियादी मुद्दों को रखा गया है। इसमें साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट मरम्मत, सड़कों का पेचवर्क, पार्कों का रखरखाव और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई जैसे नागरिक सुविधा के कार्यों के साथ-साथ अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य भी शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से विभिन्न प्रकार के पट्टे, कच्ची बस्ती 69-ए, कृषि भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन, नामांतरण, ट्रेड लाइसेंस, फायर एनओसी, और स्ट्रीट वेंडर रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, मुख्यमंत्री स्वनिधि योजना, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0, और एसबीएम 2.0 के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से शासन की कोशिश है कि फाइलों के अंबार में दबी जनता की पीड़ा को दूर किया जाए और योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाया जाए। सवाई माधोपुर में यह पहल प्रशासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही को पुनः परिभाषित कर रही है, जहाँ वर्षों की समस्याओं का समाधान अब कुछ ही पलों में संभव हो पा रहा है।

