सवाई माधोपुर: त्रिनेत्र बालगृह में मिलीं भारी अनियमितताएं, सचिव ने लगाई फटकार
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम के औचक निरीक्षण में बालगृह में एक्सपायर्ड आटा, गंदगी और स्टाफ की लापरवाही उजागर हुई।

सवाई माधोपुर के त्रिनेत्र बालगृह में निरीक्षण के दौरान सचिव समीक्षा गौतम और खाद्य सुरक्षा टीम एक्सपायर्ड आटे के कट्टे की जांच करते हुए।
समीक्षा गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा सोमवार को कृष्णमपुरम कॉलोनी स्थित त्रिनेत्र बालगृह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बालगृह में गंभीर खामियां एवं अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई।
निरीक्षण के दौरान रसोईघर में अवधिपार आटा रखा पाया गया, जिसका उपयोग बच्चों के लिए रोटियां बनाने में किया जा रहा था। इस गंभीर लापरवाही पर मौके पर ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेदप्रकाश पूर्वियां को टीम सहित बुलाया गया और अवधिपार आटे को नष्ट करवाया गया। रसोईघर की स्थिति और भी चिंताजनक पाई गई, जहां रोटियां रखने के लिए उपयोग किया जाने वाला कैसरोल टूटा हुआ था और उस पर फंगस लगी हुई थी।
निरीक्षण में स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर की जांच के दौरान नर्सिंग ऑफिसर ललित भारद्वाज द्वारा 11.05.2026 को उपस्थिति दर्ज करना पाया गया, जबकि बालगृह में उपस्थित बच्चों ने बताया कि नर्सिंग ऑफिसर पिछले तीन-चार दिनों से संस्था में नहीं आए हैं। इससे कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए।
पूर्व निरीक्षण 29.04.2026 के दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज गर्ग द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए थे, जिनमें सचिव हरीश उपाध्याय एवं नर्सिंग ऑफिसर ललित भारद्वाज को बच्चों का नियमित मेडिकल चेकअप करवाने के लिए कहा गया था, लेकिन निरीक्षण की तिथि तक किसी भी प्रकार का मेडिकल चेकअप नहीं करवाया गया। केवल बच्चों की हाइट एवं वजन नपवाकर औपचारिकता निभाई गई।
वस्त्र वितरण रजिस्टर के अनुसार 29.04.2026 को प्रत्येक बच्चे को 2-2 पेन्ट, शर्ट, टी-शर्ट, लोवर, नेकर एवं टॉवल वितरित किए जाने का उल्लेख था, जबकि बच्चों ने बताया कि उन्हें केवल 1-1 पेन्ट, शर्ट, टी-शर्ट, लोवर और टॉवल ही दिए गए हैं तथा यह भी सभी बच्चों को नहीं मिले, बल्कि कुछ ही बच्चों को वितरित किए गए।
बालगृह में डाइट चार्ट के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। बच्चों को न तो विशेष आहार, फल या मिठाई दी जा रही थी और न ही साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल जैसी मूलभूत सामग्री सभी बच्चों को उपलब्ध हो रही थी। साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई, बाथरूम एवं टॉयलेट से बदबू आ रही थी, जिससे वहां रुकना भी कठिन हो गया था।
समीक्षा गौतम, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने निरीक्षण के दौरान बालगृह के सचिव हरीश उपाध्याय एवं उपस्थित स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा बच्चों का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। साथ ही बालगृह में पाई गई अनियमितताओं के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्रवाई बाल संरक्षण व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर स्पष्ट संकेत करती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
