सवाई माधोपुर। शहर में लगातार हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के विरोध में पेड़ बचाओ आंदोलन ने गुरुवार को तेजी पकड़ ली। इसके तहत महावीर पार्क में सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, पर्यावरण प्रेमियों एवं जागरूक नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसी भी कीमत पर शहर के हरे-भरे पेड़ों को बचाने का संकल्प लिया गया।


वक्ताओं ने रखी अपनी बात

  • एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी ने कहा कि - "मुख्य बजरिया सहित घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं विकास कार्यों की आड़ में वर्षों पुराने पूर्ण विकसित पेड़ों की कटाई की जा रही है, जो सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। यह संविधान के अनुच्छेद 21 (स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार) पर सीधा प्रहार है।"
  • अशोक जैन ने कहा कि - "विकास अपनी जगह है लेकिन पेड़ों को बचाना हमारा फर्ज है, जिसे हम पूरी शिद्दत से निभाएंगे। सरकार ने सबसे पहले पेड़ों पर वार किया है जबकि सड़क निर्माण के लिए बिजली के पोल पानी की पाइपलाइन सहित कई सारी चीजों पर काम करना आवश्यक होता है।"
  • रत्नाकर गोयल ने सरकार को सशक्त संदेश देते हुए कहा कि - "जितने पेड़ काटने थे काट लिए, अब एक भी पेड़ नहीं कटेगा। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े, देंगे। शहर का हर व्यक्ति आंदोलन में जुड़ने के लिए तैयार है सबको अंदर से पेड़ों की कटाई को लेकर पीड़ा है।"
  • पार्षद राजेश पहाड़िया ने कहा कि - "सरकार की प्रकृति विरोधी कार्यवाही पर जिला कलेक्टर से स्पष्ट कहा गया है कि पेड़ों की कटाई तुरंत रोकी जाए, अन्यथा आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।"






महावीर पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च

बैठक के पश्चात महावीर पार्क से जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय तक भव्य पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने "पेड़ बचाओ – शहर बचाओ", "अवैध कटाई बंद करो" जैसे नारों से प्रशासन को अपना गुस्सा दिखाया। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने तत्काल प्रभाव से पेड़ कटाई पर रोक और काटे गए पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगाने की मांग की।


कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन और मिला आश्वासन

कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य मांगें रखी गईं:

  • मुख्य बजरिया एवं अन्य क्षेत्रों में हो रही वृक्ष कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • तहसीलदार द्वारा दी गई स्वीकृतियों को तुरंत निरस्त करवाया जाए।
  • पूर्व में काटे गए पेड़ों के बदले वृक्षारोपण न किए जाने की जवाबदेही तय की जाए।
  • भविष्य में पेड़ कटाई रोकने के लिए स्थायी प्रशासनिक निर्देश जारी किए जाएं।

जिला कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि अब जो पेड़ बचे हुए हैं, उन्हें काटने से फिलहाल रोक दिया गया है।


आंदोलन में शामिल प्रमुख व्यक्ति

ज्ञापन देने वालों में निम्नलिखित सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी एवं पर्यावरण प्रेमी शामिल रहे:

अवधेश शर्मा, के.पी. सिंह, यशवंत भूप्रेमी, कपिल जोशी, रतन लाल, हेमराज भूप्रेमी, अजय शर्मा, वीरेंद्र मीणा, ओमप्रकाश रावल, शंकरलाल, अनवर मंसूरी, इरफान खान, राजकुमार दोसाया, आकाश यादव, बादल वर्मा, हर्षवर्धन, जितेश, प्रतीक, सत्यनारायण खत्री, रामप्रसाद, मारूफ खान, सद्दाम, हुसैन, परशुराम।


समिति करेगी पेड़ों का ग्राउंड सर्वे

आंदोलनकारियों की एक समिति प्रत्येक कटे और बचे पेड़ का सर्वे कर सूची तैयार करेगी, जो प्रशासन को सौंपी जाएगी।

Pratahkal Bureau

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