सवाई माधोपुर: पेड़ कटाई मामले में PWD के शपथ पत्र पर कोर्ट ने उठाए सवाल
स्थायी लोक अदालत ने 311 पेड़ों की कटाई के साक्ष्य मिलने पर नाराजगी जताई, अगली सुनवाई 8 मई 2026 को होगी।

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में विकास की आड़ में पर्यावरण को पहुंचाए गए नुकसान का मामला अब न्यायपालिका की चौखट पर गहराता जा रहा है। बजरिया और आलनपुर मंडी रोड क्षेत्र में पेड़ों की अवैध कटाई को लेकर स्थायी लोक अदालत में हुई महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला न्यायाधीश एवं स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष द्वारा की गई इस सुनवाई ने प्रशासनिक दावों और धरातलीय साक्ष्यों के बीच के भारी अंतर को उजागर कर दिया है।
मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब विपक्षी पक्ष PWD के अधिशासी अभियंता गोविंद प्रसाद मीणा की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत शपथ पत्र में यह दावा किया गया कि विभाग ने सड़क चौड़ीकरण हेतु बजरिया क्षेत्र में मात्र 17 और आलनपुर रोड पर लगभग 35 पेड़ ही काटे हैं। विभाग ने शेष पेड़ों की कटाई का उत्तरदायित्व स्थानीय लोगों पर डालते हुए पुलिस में शिकायत की बात कही, किंतु जब याचिकाकर्ता पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कथित आरोपित व्यक्तियों के नाम या लिखित रिपोर्ट की मांग की, तो विपक्षी विभाग कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सका।
याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से एडवोकेट जगन्नाथ चौधरी, एडवोकेट मुकेश कुमार भूप्रेमी, राजेश मीणा, प्रेमराज मीणा, भरत लाल बेरवा और प्रेमराज मीणा ने विभागीय दावों को असत्य करार देते हुए न्यायालय के समक्ष 311 पेड़ों के काटे जाने के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत किए। जियो टैगिंग फोटोग्राफी के माध्यम से यह प्रमाणित किया गया कि अनाज मंडी रोड पर 211 और बजरिया क्षेत्र में 100 पेड़ काटे गए हैं। चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि कई पेड़ सड़क और नाली की सीमा से काफी दूर थे, जिनका चौड़ीकरण से कोई सीधा संबंध नहीं था, फिर भी उन्हें काट दिया गया। मौके पर मौजूद ठूंठ आज भी इस विनाश की गवाही दे रहे हैं।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने विधि विरुद्ध अनुमति जारी कर सरकारी मौजूदगी में पेड़ों को कटवाया। उप जिला कलेक्टर, जिला कलेक्टर और वनाधिकारियों को पूर्व में सूचित करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से याचिकाकर्ता पक्ष ने भविष्य में किसी भी पेड़ की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और नई अनुमति जारी करने से पूर्व सुनवाई का अवसर देने की मांग की है। न्यायालय ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए PWD से तीखे सवाल पूछे हैं और प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 8 मई 2026 की तिथि निर्धारित की है।

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