सवाई माधोपुर: मनोचिकित्सक की फर्जी सील से मेडिकल लीव लेने वाला शिक्षक और सहयोगी गिरफ्तार
सरकारी स्कूल के शिक्षक शहजाद अहमद ने ई-मित्र संचालक दिनेश सैनी के साथ मिलकर मनोचिकित्सक की नकली मोहर बनाई और 15-20 बार फर्जी मेडिकल अवकाश लिया।

सवाई माधोपुर पुलिस की गिरफ्त में फर्जी मेडिकल लीव लेने का मुख्य आरोपी सरकारी शिक्षक शहजाद अहमद (बाएं) और मामले से संबंधित पुलिसकर्मी (दाएं)।
पुलिस थाना कोतवाली सवाईमाधोपुर ने मनोचिकित्सक की फर्जी सील बनवाकर मेडिकल लीव लेने के सनसनीखेज प्रकरण में वांछित आरोपी सरकारी अध्यापक शहजाद अहमद और उसके सहयोगी ई-मित्र संचालक दिनेश सैनी को गिरफ्तार किया है। आरोपी द्वारा सामान्य चिकित्सालय सवाईमाधोपुर के मनोचिकित्सक डॉ. गौरव चन्द्रवंशी के नाम की फर्जी सील बनवाकर कई बार मेडिकल अवकाश लेने का खुलासा हुआ है। मामले में ई-मित्र संचालक लेपटॉप और प्रिंटर की मदद से फर्जी रोग-अरोग प्रमाण पत्र तैयार कर रंगीन मोहर लगी प्रिंट उपलब्ध कराता था, जिसका उपयोग आरोपी सरकारी अध्यापक स्कूल में मेडिकल लीव लेने के लिए करता था।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर श्री विजय सिंह मौना तथा पुलिस उपाधीक्षक शहर सवाई माधोपुर श्री उदय सिंह मीणा के निकटतम सुपरविजन में की गई। पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी कोतवाली सवाई माधोपुर श्री मदनलाल मीणा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने प्रकरण संख्या 96/26 में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
घटना 17 मार्च 2026 की है, जब सामान्य चिकित्सालय के डॉ. गौरव चन्द्रवंशी ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि शहजाद अहमद पुत्र मोहम्मद उमर निवासी खरादी मोहल्ला शहर सवाई माधोपुर ने उनके नाम की फर्जी सील बनवा रखी है और 15 से 20 बार मेडिकल अवकाश लिया है। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी की नियुक्ति राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ी का गांव (हाड़ौती), सपोटरा जिला करौली में है। डॉ. गौरव चन्द्रवंशी ने स्पष्ट किया कि वह आरोपी को नहीं जानते और उन्होंने कभी किसी प्रकार की मेडिकल लीव जारी नहीं की। इसके बावजूद आरोपी द्वारा उनके फर्जी हस्ताक्षर और नकली सील का उपयोग कर कई बार मेडिकल लीव प्राप्त की गई।
अनुसंधान में सामने आया कि आरोपी शहजाद अहमद के साथ ई-मित्र संचालक दिनेश सैनी भी इस पूरे फर्जीवाड़े में सक्रिय रूप से शामिल था। दिनेश सैनी लेपटॉप और प्रिंटर की सहायता से डॉ. गौरव चन्द्रवंशी के नाम से फर्जी रोग-अरोग प्रमाण पत्र तैयार करता था तथा उन पर रंगीन मोहर लगाकर प्रिंट निकालता था। इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग सरकारी अध्यापक द्वारा मेडिकल अवकाश लेने में किया जाता था। पुलिस ने आरोपी ई-मित्र संचालक के कब्जे से लेपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में दिनेश सैनी पुत्र रामनिवास, जाति माली, उम्र 32 वर्ष, निवासी घास मंडी, छावनी चौक, आलनपुर थाना कोतवाली सवाई माधोपुर तथा शहजाद अहमद पुत्र मोहम्मद उमर निवासी खरादी मोहल्ला शहर सवाई माधोपुर शामिल हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और मामले में आगे का अनुसंधान जारी है।
पूरे प्रकरण में पुलिस टीम में थाना कोतवाली सवाई माधोपुर के थानाधिकारी मदनलाल, उप निरीक्षक जोनसिंह, उप निरीक्षक हुकमसिंह तथा कांस्टेबल धर्मेन्द्र 87 की विशेष भूमिका रही। सरकारी दस्तावेजों में फर्जीवाड़े और मेडिकल अवकाश के दुरुपयोग का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी तंत्र में दस्तावेज सत्यापन की गंभीर चुनौती को उजागर करता है।

Pratahkal Bureau
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