ग्रामीण अंचलों में सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन के द्वार तक पहुंचाने के संकल्प के साथ संचालित 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान बन रहे हैं, बल्कि हाशिए पर खड़े परिवारों के जीवन में एक सुखद और स्थायी बदलाव की इबारत भी लिख रहे हैं। इसी कड़ी में सवाई माधोपुर जिले की ग्राम पंचायत विदरख्या में आयोजित एक विशेष शिविर उस समय ऐतिहासिक बन गया, जब एक ग्रामीण को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ।

आयोजित शिविर में स्थानीय निवासी मीठालाल गुर्जर, पुत्र कन्हैयालाल गुर्जर, को 'स्वामित्व योजना' के अंतर्गत विधिवत रूप से पट्टा एवं प्रॉपर्टी पार्सल सुपुर्द किया गया। वर्षों से अपने ही घर के स्वामित्व के पुख्ता दस्तावेजों की प्रतीक्षा कर रहे मीठालाल के लिए यह क्षण न केवल राहत लेकर आया, बल्कि उनके भविष्य के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोल गया। आधिकारिक दस्तावेज मिलते ही मीठालाल के चेहरे पर जो आत्मविश्वास झलका, वह इस योजना की सार्थकता का प्रमाण था।

मीठालाल गुर्जर ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि वैध दस्तावेजों के अभाव में उन्हें अपने ही आवास को लेकर निरंतर अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था, जो न केवल मानसिक चिंता का कारण था बल्कि उनके विकास कार्यों में भी सबसे बड़ी बाधा थी। पट्टा और प्रॉपर्टी पार्सल प्राप्त होने के बाद अब वे न केवल अपनी संपत्ति के आधिकारिक स्वामी बन गए हैं, बल्कि उनके लिए बैंक से ऋण प्राप्त करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।

प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 'ग्रामीण सेवा शिविर' जैसी पहल ने सरकारी तंत्र को आम आदमी के करीब लाकर खड़ा कर दिया है। आज वे आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम उठाने की स्थिति में हैं। निस्संदेह, स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को एक सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, जहां भूमि का मालिकाना हक मिलने से गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल रही हैं।

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