सवाई माधोपुर, 21 जनवरी। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सवाई माधोपुर में बुधवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया ने योजनाओं में फिसड्डी साबित हो रहे दो ग्राम विकास अधिकारियों को सीधे निशाने पर ले लिया। कार्य में न्यून प्रगति और अनुशासनहीनता को देखते हुए उन्होंने सैलु एवं पचीपल्या के ग्राम विकास अधिकारियों को 17 सीसीए के तहत कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

पंचायत समिति सभागार में आयोजित इस मैराथन बैठक की अध्यक्षता कर रहे मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की एक-एक बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में समस्त ग्राम विकास अधिकारियों, कनिष्ठ सहायकों और ग्राम रोजगार सहायकों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुडानिया ने कहा कि जिला कलक्टर काना राम के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक योजना की प्रगति निर्धारित समय सीमा के भीतर अर्जित की जानी चाहिए। जनता से जुड़ी योजनाओं में देरी न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि आम जन के अधिकारों का हनन भी है।

बैठक के दौरान सीईओ ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत 15वीं और 16वीं विधानसभा के उन कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जो या तो अभी तक शुरू नहीं हुए हैं या लंबे समय से प्रगतिरत हैं। उन्होंने अटल ज्ञान केंद्र, नर्सरी निर्माण, ओपन जिम और स्वामित्व योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। इसके अलावा, महात्मा गांधी नरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) के तहत लंबित पड़े आवासों के निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर शुरू करवाने के निर्देश दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत गांवों की संपूर्ण साफ-सफाई, विद्यालयों में शौचालयों का निर्माण और सामुदायिक सोक पिट व नाडेप कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने की जिम्मेदारी तय की गई।

प्रशासनिक सख्ती का आलम यह रहा कि गौरव बुडानिया ने दो टूक कहा कि जो कार्मिक समय पर परिणाम नहीं देंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी क्रम में सैलु और पचीपल्या की ग्राम पंचायतों में विकास की धीमी रफ्तार पर कड़ा संज्ञान लेते हुए वहां के ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाने के निर्देश दिए गए। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत समिति सवाई माधोपुर के सहायक अभियंता, समस्त अतिरिक्त एवं सहायक विकास अधिकारी, योजना प्रभारी, कनिष्ठ सहायक अभियंता और कनिष्ठ तकनीकी सहायकों सहित विभाग के तमाम कार्मिक उपस्थित रहे। प्रशासन के इस कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में विकास की गति को बढ़ाने के लिए अब जवाबदेही तय करने का दौर शुरू हो चुका है।

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Pratahkal Newsroom

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