सवाई माधोपुर। जिले के कुशालीपुरा गांव स्थित मधुवन फार्म हाउस में आयोजित हो रहे संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं गंगा पूजन महोत्सव के तृतीय दिवस पर मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक रस की अद्भुत छटा बिखर गई। कथा व्यास पंडित राजेन्द्र शास्त्री ने अपने ओजस्वी एवं मधुर मुखारविंद से वाराह अवतार, कपिल-देवहूति संवाद, सती चरित्र एवं भक्त ध्रुव की प्रेरणादायी पावन कथा का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पंडाल में उपस्थित भारी संख्या में श्रद्धालु पूरी तरह भक्ति रस से सराबोर हो गए।

आयोजनकर्ता चन्द्रकांता शर्मा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि गत 24 मई 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुए इस वृहद धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन अलग-अलग दिव्य और अलौकिक प्रसंगों का सजीव वर्णन किया जा रहा है। कथावाचक पंडित राजेन्द्र शास्त्री ने ध्रुव चरित्र की व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को अटूट भक्ति, समर्पण और दृढ़ संकल्प का शाश्वत संदेश दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि सच्ची श्रद्धा एवं अनन्य ईश्वर भक्ति के बल पर जीवन के समस्त कष्टों और बाधाओं को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने कपिल-देवहूति संवाद के माध्यम से मानव जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान, दर्शन एवं वैराग्य के गहन महत्व को सहजता से समझाया, जिसे श्रवण कर पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

इस धार्मिक महोत्सव के आगामी क्रम की घोषणा करते हुए आयोजनकर्ता ने बताया कि बुधवार को जड़भरत चरित्र, अजमिला पाख्यान, प्रह्लाद चरित्र एवं गजेन्द्र मोक्ष की पावन और मोक्षदायिनी कथाओं का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। इसके पश्चात, 28 मई गुरुवार को वामन चरित्र, श्रीराम चरित्र तथा बहुप्रतीक्षित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव की भव्य झांकियां विशेष आकर्षण के रूप में सजाई जाएंगी। 29 मई को गोकुल एवं वृंदावन की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा एवं छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन अत्यधिक धूमधाम के साथ संपन्न होगा। आगामी 30 मई शनिवार को महारास लीला, उद्धव-गोपी संवाद एवं रुक्मिणी विवाह प्रसंग की सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। इस संगीतमय सप्ताह ज्ञान यज्ञ का भव्य समापन 31 मई रविवार को सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा, हवन पूर्णाहुति, गंगा पूजन एवं विशाल महाप्रसादी के वितरण के साथ सुनिश्चित किया गया है। आयोजनकर्ता चन्द्रकांता शर्मा ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कुशालीपुरा स्थित मधुवन फार्म हाउस पहुंचकर इस दिव्य श्रीमद्भागवत कथा अमृत का अधिकाधिक संख्या में लाभ उठाने का भावभीना आग्रह किया है।

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