सवाई माधोपुर के प्रगतिशील किसानों के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ राज्य सरकार ने खेती में नवाचार को प्रोत्साहित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। आधुनिक तकनीक, नवाचार और वैज्ञानिक सोच के साथ कृषि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले किसानों के लिए विस्तार सुधार कार्यक्रम (आत्मा) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 'श्रेष्ठ कृषक पुरस्कार योजना' का शुभारंभ किया गया है। कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, जैविक खेती एवं कृषि नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों को पंचायत समिति, जिला और राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

इस योजना की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य स्तरीय कृषक सम्मान में हाल ही में प्रदेशभर से चयनित 10 श्रेष्ठ किसानों में सवाई माधोपुर जिले के दो प्रगतिशील कृषकों रामसिंह मीणा और लखनलाल मीणा का चयन हुआ है। इन किसानों ने उद्यानिकी एवं नवाचारी खेती में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों से जिले का मान बढ़ाया है। राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, जयपुर द्वारा जारी सूची में इन किसानों की सफलता यह सिद्ध करती है कि आधुनिक तकनीकों, संसाधन संरक्षण और जैविक पद्धतियों को अपनाकर किसान न केवल उत्पादन में वृद्धि कर सकते हैं, बल्कि अपनी विशिष्ट पहचान भी बना सकते हैं।

उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) अमर सिंह ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार योजना के अंतर्गत कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं डेयरी, जैविक खेती तथा कृषि नवाचार की पांच प्रमुख गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया के तहत पंचायत समिति स्तर पर पांच किसानों को चुना जाएगा, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ कृषकों का चयन जिला एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए होगा। आर्थिक प्रोत्साहन के रूप में पंचायत समिति स्तर पर चयनित कृषकों को 10 हजार रुपये, जिला स्तर पर 25 हजार रुपये और राज्य स्तर पर चयनित किसानों को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया अत्यंत सरल रखी गई है। किसान स्वयं आवेदन कर सकते हैं, साथ ही जनप्रतिनिधि या सामाजिक संस्थाएं भी योग्य कृषकों का नाम प्रस्तावित कर सकती हैं। आवेदकों को अपने खेत पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों का विवरण, जमाबंदी, फोटोग्राफ और अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र संलग्न करने होंगे। हालांकि, जो किसान पूर्व में आत्मा या किसी अन्य सरकारी योजना के अंतर्गत पंचायत समिति, जिला या राज्य स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं, वे इस पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होंगे। प्रत्येक कृषक को अपने जीवनकाल में केवल एक बार ही इस योजना के तहत सम्मानित किया जाएगा।

इच्छुक कृषक 31 जुलाई 2026 तक अपने आवेदन निकटतम कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी अथवा कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। यह योजना न केवल सम्मान प्राप्त करने का एक अवसर है, बल्कि जिले में नवाचार आधारित कृषि संस्कृति को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को खेती के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। विभाग ने ऐसे किसानों से बढ़-चढ़कर आवेदन करने का आह्वान किया है जो प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से क्षेत्र में उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

Pratahkal Newsroom

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