सवाई माधोपुर, 2 जुलाई। ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर-2026 की प्रगति की समीक्षा के दौरान जिला प्रभारी सचिव एवं विशिष्ट शासन सचिव (वित्त) शिवांगी स्वर्णकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सेवा शिविरों में आने वाले प्रत्येक लाभार्थी का नाम, पता और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के स्तर पर लाभार्थियों से फीडबैक लिया जाना प्रस्तावित है, इसलिए रिकॉर्ड का समुचित संधारण पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है।

गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर काना राम और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया की उपस्थिति में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ग्रामीण और शहरी सेवा शिविर-2026 में दी जा रही सेवाओं, प्राप्त प्रकरणों तथा उनके निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में आगामी हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार ने कहा कि सेवा शिविर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना तथा राजस्व एवं अन्य विभागीय प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही पुराने लंबित प्रकरणों के निस्तारण में भी तेजी लाई जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों की तुलना में शहरी सेवा शिविरों में लाभार्थियों का रिकॉर्ड समुचित रूप से संधारित नहीं हो रहा है। शिविरों की सफलता, प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता तथा लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त करने के लिए नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। राज्य सरकार के स्तर से सेवा शिविरों के लाभार्थियों से फीडबैक लिया जाना अपेक्षित है।

बैठक में जिला कलक्टर काना राम ने सेवा शिविरों में हासिल की गई उपलब्धियों को विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफलता की कहानियों के प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए सेवा शिविरों तक पहुंचेंगे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार ने शिविरों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

काना राम ने हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों को लेकर भी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सभी संबंधित विभागों के लिए पौधारोपण के लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। विभाग अपने-अपने लक्ष्यों के अनुरूप वन विभाग सहित अन्य नर्सरियों से पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, पौधारोपण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें, गड्ढों की खुदाई का कार्य समय पर प्रारंभ करें तथा पौधारोपण के बाद प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग अनिवार्य रूप से करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

बैठक में राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, ऊर्जा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, कृषि, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सार्वजनिक निर्माण तथा सहकारिता सहित विभिन्न विभागों की विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई। सेवा शिविरों के माध्यम से राजस्व प्रकरणों के निस्तारण, पट्टा वितरण, विभिन्न प्रमाण पत्र जारी करने, पेयजल एवं विद्युत संबंधी शिकायतों के समाधान, स्वास्थ्य सेवाओं, पशु स्वास्थ्य शिविरों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा अन्य विभागीय उपलब्धियों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में उप वन संरक्षक (सामाजिक वानिकी) सुनील शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सेवा शिविरों की प्रभावी निगरानी, पारदर्शी रिकॉर्ड संधारण और हरियालो राजस्थान अभियान की समयबद्ध तैयारियों को लेकर दिए गए निर्देश आगामी कार्यवाही के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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