सवाई माधोपुर, 13 मई। शिक्षा के मंदिर को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने के ध्येय के साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जड़ावता के भौतिक विकास हेतु सामूहिक जनसहयोग की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की गई है। विद्यालय के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ स्थानीय भामाशाहों और ग्रामीणों के सहयोग से 55 हजार रुपए की राशि दान स्वरूप एकत्रित की गई है। इस पुनीत कार्य को मूर्त रूप प्रदान करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य शिवचरण मीणा ने उक्त राशि का चैक 'मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना' के अंतर्गत जमा कराने हेतु अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (एडीपीसी) दिनेश कुमार गुप्ता को सुपुर्द किया।

एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित अभिनव परियोजना “भविष्य की उड़ान” ग्रामीण अंचलों में शिक्षा के प्रति जागरूकता, उत्तरदायित्व और जनभागीदारी को निरंतर नई ऊंचाइयां दे रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि समाज के इस प्रकार के सक्रिय सहयोग से न केवल विद्यालय विकास को नवीन गति प्राप्त हो रही है, बल्कि शिक्षा प्रणाली के प्रति सामाजिक विश्वास और जिम्मेदारी की भावना में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की जा रही है।

वित्तीय प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम अधिकारी हेमराज मीणा ने बताया कि जनसहयोग से प्राप्त 55 हजार रुपए की इस राशि पर राज्य सरकार द्वारा योजनानुसार लगभग 82 हजार रुपए की अतिरिक्त अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार और समाज के इस साझा प्रयास से विद्यालय को कुल 1 लाख 37 हजार रुपए का कोष प्राप्त होगा। इस संपूर्ण राशि का नियोजित उपयोग विद्यालय के लिए आधुनिक फर्नीचर क्रय करने, आवश्यक मरम्मत कार्य संपादित कराने एवं अन्य मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। इस निवेश से न केवल विद्यार्थियों को एक उत्कृष्ट और सुविधासंपन्न शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार सुनिश्चित होगा।

चेक सुपुर्दगी के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सहायक निदेशक कालूराम बैरवा, प्रशासनिक अधिकारी भगवान माली एवं लेखा सहायक हेमंत बंसल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। समाज और सरकार का यह साझा कदम जड़ावता के विद्यार्थियों के स्वर्णिम भविष्य की ओर एक सुदृढ़ आधारशिला सिद्ध होगा।

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