सवाई माधोपुर: संकल्प विशेष विद्यालय में अव्यवस्थाओं का अंबार, निरीक्षण में सचिव ने लगाई फटकार
सवाई माधोपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने संकल्प विशेष विद्यालय का औचक निरीक्षण कर गंभीर खामियां पकड़ीं। मेडिकल किट में दवाओं की कमी, असुरक्षित लकड़ी का रैम्प और कड़ाके की ठंड में हीटर न होने पर प्रधानाचार्य बृजराज शर्मा को कड़ी फटकार लगाई गई। जानिए प्रशासन के इन सख्त निर्देशों और दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस बड़ी रिपोर्ट को विस्तार से।

सवाई माधोपुर, 12 जनवरी 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के अध्यक्ष के आदेशों की अनुपालना में आज जिला मुख्यालय पर विशेष बालकों के भविष्य और उनकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने सोमवार को शहर के संकल्प विशेष विद्यालय और चेतना दिव्यांग विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संकल्प विशेष विद्यालय में मासूमों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर सचिव ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को तत्काल सुधार के कड़े निर्देश जारी किए।
निरीक्षण की शुरुआत में जब सचिव समीक्षा गौतम संकल्प विशेष विद्यालय पहुंचीं, तो वहां की जमीनी हकीकत दावों से उलट नजर आई। उन्होंने प्रधानाचार्य बृजराज शर्मा से विशेष रूप से सक्षम बालकों के कौशल विकास, देखभाल के लिए केयर टेकर की तैनाती, भोजन की गुणवत्ता, शुद्ध पेयजल और कड़ाके की सर्दी में बच्चों को ठंड से बचाने के इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। जांच के दौरान पाया गया कि बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए मेडिकल किट में आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं तक मौजूद नहीं थीं। वहीं, भीषण सर्दी के बावजूद विद्यालय प्रशासन ने बच्चों के कमरों में हीटर की कोई व्यवस्था नहीं की थी। रसोईघर की पड़ताल में वहां रखा कैसरोल भी टूटा हुआ मिला, जो स्वच्छता और रखरखाव के अभाव को दर्शा रहा था।
सुरक्षा के लिहाज से सबसे खतरनाक स्थिति प्रथम मंजिल पर बने आवासीय कक्षों की मिली। शारीरिक रूप से अक्षम इन बच्चों को ऊपर ले जाने के लिए पक्का रैम्प बनाने के बजाय लकड़ी के फण्टों का एक अस्थाई ढांचा खड़ा कर दिया गया था, जिससे मासूमों के गिरकर चोटिल होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इसके अलावा, शारीरिक रूप से असक्षम बच्चों के पुनर्वास के लिए अनिवार्य फिजियोथैरेपिस्ट की नियमित विजिट भी नदारद मिली। सचिव समीक्षा गौतम ने इन लापरवाहियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और प्रधानाचार्य बृजराज शर्मा को निर्देशित किया कि मेडिकल किट में दवाएं सुनिश्चित करें, सर्दी से बचाव हेतु हीटर लगवाएं, टूटे बर्तनों को बदलें और लकड़ी के फण्टों की जगह सुरक्षित सीढ़ियों या मानक रैम्प का निर्माण करवाएं। उन्होंने फिजियोथैरेपिस्ट की सेवाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने की हिदायत दी।
इसी कड़ी में सचिव ने चेतना दिव्यांग विद्यालय का भी दौरा किया, जहां स्थिति काफी संतोषजनक पाई गई। वहां विद्यालय के संचालक रविंद्र बसावतिया और विशेष शिक्षक रोहित चौधरी उपस्थित मिले। चेतना विद्यालय में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता उच्च पाई गई, मेडिकल किट दवाओं से सुसज्जित मिली और परिसर की साफ-सफाई भी मानक के अनुरूप देखी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस मुस्तैद कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि विशेष बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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