50 वर्षों पुराने भूमि विवाद का अंत: ग्रामीण सेवा शिविर में 20 परिवारों को मिला खातेदारी अधिकार, सूरवाल में ऐतिहासिक समाधान
सवाई माधोपुर के सूरवाल में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान 50 वर्षों पुराने भूमि विवाद का सहमति से निस्तारण हुआ। 20 परिवारों को मिला खातेदारी अधिकार, राजस्व विभाग की पहल से ऐतिहासिक समाधान ने सभी को चौंका दिया।

सवाई माधोपुर के सूरवाल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान बुधवार को जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार और जिला कलेक्टर काना राम ग्रामीणों को भूमि का तकसीम पत्र सौंपते हुए।
ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से लंबित राजस्व विवादों के त्वरित निस्तारण की दिशा में राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 एक बार फिर प्रभावी मंच साबित हुए। पंचायत समिति सवाई माधोपुर के सूरवाल में बुधवार को आयोजित शिविर में लगभग 50 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का शांतिपूर्ण और सहमति आधारित समाधान कर दिया गया, जिससे 20 परिवारों को उनके खातेदारी अधिकार प्राप्त हुए।
शिविर में यह महत्वपूर्ण प्रकरण जिला प्रभारी सचिव शिवांगी स्वर्णकार तथा जिला कलेक्टर काना राम की उपस्थिति में सुलझाया गया। ग्राम सूरवाल के खाता संख्या-32 की लगभग 3.18 हेक्टेयर खातेदारी भूमि, जिसमें 13 खसरों का समावेश था, लंबे समय से सह-खातेदारों के बीच हिस्सेदारी को लेकर विवाद का विषय बनी हुई थी। पीढ़ियों से चले आ रहे इस विवाद के कारण भूमि का विधिवत विभाजन नहीं हो पा रहा था, जिससे संबंधित परिवारों को राजस्व कार्यों, कृषि योजनाओं तथा सरकारी लाभों के प्राप्ति में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर से पूर्व राजस्व विभाग की टीम द्वारा निरंतर समझाइश, संवाद और अभिलेखों के गहन परीक्षण की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके बाद शिविर के दौरान पटवारी आबिद अली खान एवं गिरदावर हेतराज मीणा द्वारा तैयार किए गए सहमति विभाजन प्रस्ताव पर सभी सह-खातेदारों की सहमति प्राप्त की गई। तत्पश्चात उपखण्ड अधिकारी गौरव कुमार मित्तल एवं तहसीलदार बृजेश सिंह ने मौके पर ही प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए खातेदारों को उनके अधिकारों का तकसीम पत्र सौंपा।
इस ऐतिहासिक समाधान से जुबैर अहमद, दाऊद खां, अब्दुल रजाक, रफीक, अंसार अहमद, इमरान अहमद, जमील अहमद, नसरीन बानो, माउन बानो, रहीसन बानो, रियाना बानो, सलमा बानो और साबरा बानो सहित कुल 20 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ। वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता के समाप्त होने पर लाभार्थी परिवारों में खुशी और संतोष का वातावरण देखने को मिला।
लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने केवल भूमि का विभाजन ही नहीं कराया, बल्कि परिवारों के बीच विश्वास, सौहार्द और विकास की नई दिशा भी स्थापित की है। यह प्रकरण “विवाद से विश्वास” और “समस्या से समाधान” की भावना का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।

Pratahkal Bureau
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