सवाई माधोपुर: जिला कलक्टर ने सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर दिए सख्त निर्देश
जिला कलक्टर काना राम और एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने ब्लैक स्पॉट्स बंद करने और ओवरलोडिंग व अवैध खनन के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।

जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और अवैध खनन की गतिविधियों को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रशासन ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी की गरिमामयी उपस्थिति में जिला सड़क सुरक्षा समिति, सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स तथा जिला स्तरीय अवैध खनन (एसआईटी), खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में सुगम यातायात प्रबंधन और अवैध खनन की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को अत्यंत सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिला कलक्टर काना राम ने सड़क सुरक्षा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जिले के सभी दुर्घटना संभावित 'ब्लैक स्पॉट्स' और अवैध कट्स को चिन्हित कर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर पूर्व में दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, वहां मृत्यु संख्या के साथ चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और यदि कहीं बंद किए गए कट्स पुनः खुले पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलक्टर ने ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाकर चालान व जब्ती करने, शहरों से अवैध पार्किंग व अतिक्रमण हटाने तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु पुलिस, परिवहन, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने सड़कों पर साइनेज, इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर और लाइटिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ-साथ निर्माणाधीन कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने और आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षित यातायात के लिए 'लेन ड्राइव सिस्टम' की सख्ती से पालना करवाने तथा ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव एवं गलत ओवरटेकिंग जैसे जानलेवा उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे पर निरंतर मॉनिटरिंग और इंटरसेप्टर वाहनों की तैनाती बढ़ाने के साथ ही संवेदनशील स्थलों पर फेंसिंग व रिफ्लेक्टर्स लगाने पर विशेष जोर दिया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस और दस्तावेज अनिवार्य हैं, और सड़क किनारे किसी भी प्रकार की अवैध पार्किंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध खनन के गंभीर मुद्दे पर चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने पुलिस, वन, परिवहन और खनन विभाग को संयुक्त रूप से 'स्ट्राइक मोड' में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण की रोकथाम के लिए संभावित क्षेत्रों में न केवल नियमित निगरानी रखी जाए, बल्कि आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त छापेमारी अभियान चलाकर लिप्त व्यक्तियों व वाहनों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जाए जो नजीर बने। उन्होंने पट्टाधारियों को नियमों के दायरे में रहकर खनन करने और पर्यावरण संतुलन हेतु बड़े स्तर पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए। साथ ही, पुलिस कंट्रोल रूम पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। इस निर्णायक बैठक में उपखण्ड अधिकारी सहित परिवहन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई और खनन विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे, जो जिले में कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा को नया आयाम देने के लिए प्रतिबद्ध दिखे।

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