सवाई माधोपुर में रास्ता खोलो अभियान से खुले 732 बाधित मार्ग
जिला प्रशासन ने संवाद और सहमति के माध्यम से 1914 चिन्हित प्रकरणों में से 732 रास्ते खुलवाकर ग्रामीणों और किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है।

सवाई माधोपुर जिले में सुशासन, जनसुनवाई और आमजन को त्वरित राहत देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप देते हुए जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा “रास्ता खोलो अभियान” ग्रामीण जीवन में व्यापक परिवर्तन का माध्यम बन गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रेरणा तथा जिला प्रशासन की सक्रियता के बीच यह अभियान वर्षों से बंद पड़े रास्तों को खोलकर हजारों ग्रामीणों के जीवन में नई सुविधा और राहत लेकर आया है।
जिले में काना राम के सतत नेतृत्व एवं नियमित मॉनिटरिंग के साथ संचालित यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि अधिकार, सहमति और सामाजिक सौहार्द स्थापित करने की प्रक्रिया बनकर उभरा है। अभियान के तहत 1 मई से 3 जून 2026 तक प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को विशेष अभियान चलाते हुए 1914 चिन्हित प्रकरणों में से 732 रास्ते सफलतापूर्वक खुलवाए जा चुके हैं, जिससे हजारों किसानों, ग्रामीणों, पशुपालकों और विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ है।
लंबे समय से गांवों, ढाणियों और खेतों तक पहुंचने वाले मार्ग अतिक्रमण और विवादों के कारण बाधित थे, जिससे कृषि कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक आवागमन पर गंभीर असर पड़ रहा था। जिला प्रशासन ने इन समस्याओं का समाधान संवाद, सहमति और समझाइश के माध्यम से किया, जिससे वर्षों पुराने विवाद भी समाप्त हुए।
अभियान के तहत उपखंड स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की गई है। बौंली में सर्वाधिक 114 रास्ते खुलवाए गए, जबकि खण्डार में 91, बामनवास में 87, मलारना डूंगर में 74, चौथ का बरवाड़ा में 72, मित्रपुरा में 71, गंगापुर सिटी में 57, वजीरपुर में 50, सवाई माधोपुर तहसील में 49 तथा तलावड़ा में 29 रास्ते खुलवाए गए हैं।
राजस्व प्रशासन ने केवल मौके पर रास्ते खुलवाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम की धारा 251-ए के अंतर्गत लंबित मामलों के निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया है। अभियान अवधि में 25 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है, जबकि अन्य मामलों में सुनवाई प्रक्रिया को गति दी जा रही है।
रास्ते खुलने से किसानों को कृषि यंत्र, ट्रैक्टर, खाद, बीज एवं उपज के परिवहन में सुविधा मिली है, वहीं विद्यार्थियों की स्कूल-कॉलेज तक पहुंच आसान हुई है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार के साथ पशुपालकों को भी पशुधन एवं चारे के आवागमन में राहत प्राप्त हुई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक गतिविधियों में भी सकारात्मक गति आई है।
अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि अधिकांश मामलों में विवादों का समाधान आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से हुआ, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और पारस्परिक विश्वास मजबूत हुआ है। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को भी सुदृढ़ कर रही है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है कि जिले का कोई भी ग्रामीण, किसान, पशुपालक या विद्यार्थी केवल रास्ता अवरुद्ध होने के कारण अपने अधिकारों और सुविधाओं से वंचित न रहे। यह अभियान सवाई माधोपुर जिले में सुशासन, जनभागीदारी और विकास का प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है।

Pratahkal Bureau
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