सवाई माधोपुर: वैश्विक मंच पर गूंजी राजस्थान के लोकतंत्र की धमक, IICDEM–2026 में नवाचारों ने जीता दुनिया का दिल
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित IICDEM–2026 सम्मेलन में राजस्थान निर्वाचन विभाग ने वैश्विक स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन के नेतृत्व में 'चुनाव, मीडिया और मतदाता जागरूकता' पर आयोजित विशेष सत्र में क्रोएशिया, कज़ाख़स्तान और अमेरिका के दिग्गजों ने शिरकत की। राजस्थान के चुनावी नवाचारों और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों की अंतरराष्ट्रीय मंच पर जमकर सराहना हुई, जिसने भारतीय लोकतंत्र की मजबूती को दुनिया के सामने पेश किया।

सवाई माधोपुर। भारत की राजधानी के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में लोकतंत्र का महापर्व अपनी पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। 21 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय 'इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट' (IICDEM–2026) के अंतिम दिन राजस्थान निर्वाचन विभाग ने अपनी रणनीतिक कुशलता और आधुनिक चुनाव प्रबंधन का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन के समापन अवसर पर शुक्रवार को आयोजित एक विशेष सत्र ने न केवल राजस्थान की चुनावी सफलता की गाथा को वैश्विक पटल पर रखा, बल्कि भविष्य के लोकतंत्र के लिए मीडिया और मतदाता जागरूकता के नए आयाम भी स्थापित किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन के कुशल मॉडरेशन में आयोजित इस विशेष सत्र का मुख्य विषय “चुनाव, मीडिया और मतदाता जागरूकता” रहा। सत्र की शुरुआत करते हुए श्री नवीन महाजन ने राजस्थान द्वारा चुनाव प्रबंधन में अपनाए गए कड़े मापदंडों, तकनीकी नवाचारों और धरातल पर किए गए श्रेष्ठ कार्यों का विस्तार से विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक विशाल भौगोलिक विविधता वाले राज्य में मतदाता जागरूकता के माध्यम से लोकतंत्र की जड़ों को गहरा किया गया है। इस सत्र की विशेषता यह रही कि इसमें राजस्थान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे पार्टनर देशों—क्रोएशिया और कज़ाख़स्तान—के प्रतिनिधियों ने भी अपने दृष्टिकोण साझा किए, जिससे यह चर्चा एक बहुआयामी अंतरराष्ट्रीय संवाद में तब्दील हो गई।
मंच पर वक्ताओं के रूप में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। क्रोएशिया की वरिष्ठ निर्वाचन अधिकारी सुश्री अल्बिना रोज़ान्दिच ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों पर प्रकाश डाला, वहीं कज़ाख़स्तान के केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उपाध्यक्ष श्री मुख्तार यरमान ने अपने देश के अनुभवों को राजस्थान के मॉडलों के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया। भारत निर्वाचन आयोग के महानिदेशक (मीडिया) श्री आशीष गोयल ने चुनावी प्रक्रिया में मीडिया की शुचिता और सूचनाओं के सही संप्रेषण की अनिवार्यता पर जोर दिया। इसी क्रम में, अकादमिक जगत का प्रतिनिधित्व करते हुए पूर्णिमा विश्वविद्यालय, जयपुर की पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. आस्था सक्सेना ने मतदाता व्यवहार और संचार माध्यमों के प्रभाव पर गहरा विश्लेषण प्रस्तुत किया।
इस महत्वपूर्ण सत्र की गंभीरता और गरिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें अमेरिकी चुनाव सहायता आयोग की आयुक्त सुश्री क्रिस्टी मैककॉर्मिक और गुयाना की मुख्य निर्वाचन अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इन वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी ने राजस्थान निर्वाचन विभाग के प्रयासों को एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। यह सम्मेलन केवल अनुभवों के आदान-प्रदान का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने यह भी सिद्ध कर दिया कि राजस्थान के निर्वाचन संबंधी नवाचार आज दुनिया के अन्य देशों के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में उभर रहे हैं। इस आयोजन ने लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में भारत के बढ़ते कदमों और राजस्थान की उसमें अग्रणी भूमिका को वैश्विक मानचित्र पर अमिट रूप से अंकित कर दिया है।

Pratahkal Bureau
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