सवाई माधोपुर। सोशल मीडिया पर चंद पलों की प्रसिद्धि और 'लाइक्स' पाने की सनक किस कदर भारी पड़ सकती है, इसका ताजा उदाहरण सवाई माधोपुर में देखने को मिला है। यहाँ रेलवे ट्रैक और ऊंचे पुलों पर जान जोखिम में डालकर रील बनाना दो सगे भाई-बहन को महंगा पड़ गया, जिन्हें रेल सुरक्षा बल (RPF) ने चिन्हित कर सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक रील तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें मलारना रेलवे स्टेशन के समीप बनास नदी पर बने खतरनाक रेलवे पुल पर दो युवक-युवती रील बनाते हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो संज्ञान में आते ही रेल सुरक्षा बल, सवाई माधोपुर ने इसे गंभीरता से लिया और त्वरित जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरपीएफ ने दोनों की पहचान पीलवा गांव निवासी दिलखुश मीणा और उसकी बहन संजू मीणा के रूप में की।

पहचान सुनिश्चित होने के तत्काल बाद आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 147 (अनधिकृत प्रवेश/ट्रेसपास) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। आरपीएफ ने स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक पर चलना, उसे अनाधिकृत रूप से पार करना, रेलवे पुलों पर खड़े होकर फोटो-वीडियो बनाना या रेलवे परिसर में किसी भी प्रकार की न्यूसेंस गतिविधि करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

रेल सुरक्षा बल, सवाई माधोपुर द्वारा यात्रियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग ने कड़े शब्दों में अपील की है कि लोग सोशल मीडिया के रील कल्चर के वशीभूत होकर प्रतिबंधित स्थानों पर न जाएं। यह कार्रवाई उन युवाओं के लिए एक कड़ा संदेश है जो रील बनाने के चक्कर में न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि अपनी और दूसरों की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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