सवाई माधोपुर पुलिस की डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक: हैकर्स के चंगुल से छुड़ाए लाख रुपये, पीड़ित के चेहरे पर लौटी मुस्कान
सवाई माधोपुर पुलिस ने मोबाइल हैक कर यूपीआई फ्रॉड करने वाले ठगों के चंगुल से पीड़ित के 1,10,994 रुपये वापस रिफण्ड करवाए। एसपी अनिल कुमार बेनीवाल के निर्देश पर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में राशि होल्ड कराई और पीड़ित मदन मोहन जांगिड़ को राहत दिलाई। जानें कैसे साइबर पुलिस की मुस्तैदी ने डिजिटल डकैती को किया नाकाम।

सवाई माधोपुर। डिजिटल युग में जहां साइबर ठग मासूम लोगों की मेहनत की कमाई पर गिद्ध जैसी नजरें गड़ाए बैठे हैं, वहीं सवाई माधोपुर पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और तकनीकी कौशल से अपराधियों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। मोबाइल हैकिंग और यूपीआई धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीड़ित के बैंक खाते से गायब हुए 1,10,994 रुपये सकुशल वापस लौटाकर न्याय की एक नई मिसाल पेश की है। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल एक परिवार की जमा पूंजी बचाई, बल्कि साइबर अपराधियों को यह कड़ा संदेश भी दिया है कि कानून के हाथ उनकी अदृश्य हरकतों से कहीं ज्यादा लंबे हैं।
इस पूरी सफलता की पटकथा तब शुरू हुई जब बाजोली निवासी और वर्तमान में राजबाग शहर, सवाई माधोपुर में रह रहे मदन मोहन जांगिड़ पुत्र मांगी लाल के साथ एक सोची-समझी साजिश के तहत धोखाधड़ी हुई। 11 अगस्त 2025 को शातिर ठगों ने मदन मोहन का मोबाइल फोन हैक कर लिया और बिना उनकी जानकारी के एक फर्जी यूपीआई आईडी तैयार कर ली। देखते ही देखते पीड़ित के यश बैंक खाते से 1,10,996 रुपये पार कर दिए गए। जैसे ही मदन मोहन को इस डिजिटल सेंधमारी का आभास हुआ, उन्होंने बिना समय गंवाए साइबर पोर्टल 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामला जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के संज्ञान में आते ही उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोलने के निर्देश जारी किए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह के सुपरवीजन और साइबर क्राइम थाना के उप पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश अटल (RPS) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि यश बैंक से उड़ाए गए पैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। समय की नजाकत को समझते हुए पुलिस टीम ने तुरंत एसबीआई के नोडल अधिकारी से संपर्क साधा और उस संदिग्ध खाते में मौजूद राशि को फ्रीज (Hold) करवा दिया। साइबर सेल की इस फुर्ती का परिणाम यह रहा कि धोखाधड़ी की गई राशि में से 1,10,994 रुपये वापस मदन मोहन के यश बैंक खाते में रिफण्ड करवा दिए गए। इस सफल ऑपरेशन में सहायक उप निरीक्षक राजबब्बर सिंह और कांस्टेबल महेश (1409) की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी तकनीकी सूझबूझ ने इस रिकवरी को मुमकिन बनाया।
सवाई माधोपुर पुलिस ने इस घटना के माध्यम से आमजन को सतर्क रहने की पुरजोर अपील की है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध लिंक या एपीके (APK) फाइल को कभी डाउनलोड न करें। थोड़े से लालच या कमीशन के चक्कर में अपनी निजी जानकारी, आईडी प्रूफ, बैंक खाते या सोशल मीडिया एक्सेस किसी अनजान व्यक्ति को देना वित्तीय आत्महत्या के समान है। पुलिस ने साफ किया कि अगर समय रहते 1930 नंबर पर सूचना दी जाए, तो साइबर ठगी का शिकार होने के बावजूद आपकी रकम वापस मिलने की संभावनाएं प्रबल रहती हैं।

Pratahkal Bureau
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