संवाददाता को झूठा लूट का मुकदमा दर्ज कराना पड़ा महंगा, सवाई माधोपुर अदालत ने लगाया जुर्माना
झूठा लूट का मुकदमा दर्ज कराने वाले परिवादी पर सवाई माधोपुर एसीजेएम न्यायालय की कार्रवाई, 1500 रुपये का जुर्माना और नेकचलनी के लिए पाबंद करने का आदेश।

पुलिस थाना मानटाउन द्वारा झूठा लूट का मुकदमा दर्ज करवाने वाले परिवादी के विरुद्ध की गई प्रभावी न्यायिक कार्रवाई में माननीय न्यायालय ने उसे 1500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर द्वारा झूठे प्रकरण दर्ज करवाने वाले परिवादियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
पुलिस अधीक्षक जिला सवाई माधोपुर सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी आईपीएस ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर श्री विजय सिंह आरपीएस तथा कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक शहर सवाई माधोपुर श्री जयप्रकाश अटल के सुपरविजन में पुलिस थाना मानटाउन के थानाधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता, पुलिस निरीक्षक द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज करवाने वाले परिवादी के विरुद्ध माननीय एसीजेएम न्यायालय, सवाई माधोपुर में प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप उसे 1500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 06.09.2018 को परिवादी श्री बत्तीलाल मीना पुत्र श्री अर्जुन मीना निवासी ग्राम सोतोली, पुलिस थाना बोली ने माननीय न्यायालय के माध्यम से पुलिस थाना मानटाउन में नेतराम मीना के विरुद्ध एक प्रकरण दर्ज कराया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दिनांक 11.06.2018 को वह अपने पुत्र जगमोहन से मिलने खेरदा आया था। वह अपने पुत्र और पुत्रवधू के साथ आदित्य इंजीनियरिंग दुकान पर मशीन खरीदने गया, जहां दिन के लगभग 12 बजे नेतराम मीना तथा 4-5 अन्य व्यक्तियों ने उसके, उसके पुत्र तथा पुत्रवधू के साथ मारपीट की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि नेतराम मीना ने उससे 30 हजार रुपये छीन लिए तथा धमकी दी कि यदि वह दोबारा सवाई माधोपुर में दिखाई दिया या उसके विरुद्ध किसी थाने अथवा न्यायालय में रिपोर्ट पेश की तो उसके पुत्र और पुत्रवधू को जान से मार दिया जाएगा।
उक्त शिकायत के आधार पर प्रकरण संख्या 303/2018 धारा 392, 384, 323 एवं 341 आईपीसी में दर्ज कर अनुसंधान किया गया। पुलिस ने त्वरित गति से मात्र 13 दिवस में अनुसंधान पूर्ण करते हुए प्रकरण में एफआर संख्या 133/2018 दिनांक 19.09.2018 को अदम वकू आमदन झूठ में किता किया। इस अंतिम रिपोर्ट को दिनांक 03.08.2019 को माननीय एसीजेएम न्यायालय, सवाई माधोपुर ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद परिवादी श्री बत्तीलाल मीना द्वारा झूठा मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस तथा न्यायालय का बहुमूल्य समय नष्ट करने के कारण थाना मानटाउन के तत्कालीन थानाधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता, पुलिस निरीक्षक ने दिनांक 16.04.2025 को परिवादी के विरुद्ध धारा 182/211 आईपीसी का इस्तगासा माननीय एसीजेएम न्यायालय, सवाई माधोपुर में प्रस्तुत किया तथा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
माननीय एसीजेएम श्रीमती गार्गी चौधरी ने उक्त इस्तगासे पर दिनांक 29.06.2026 को निर्णय सुनाते हुए परिवादी श्री बत्तीलाल मीना को एक वर्ष के लिए 10-10 हजार रुपये के जमानत मुचलकों पर नेकचलनी बनाए रखने के लिए पाबंद किया तथा 1500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
सवाई माधोपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि झूठी शिकायत दर्ज कराना कानूनन अपराध है। इससे वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया बाधित होती है और न्याय मिलने में अनावश्यक विलंब होता है। न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने तथा झूठे मुकदमों में कमी लाने के उद्देश्य से सवाई माधोपुर पुलिस भविष्य में भी ऐसे मामलों में सतत कार्रवाई जारी रखेगी तथा झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वालों के विरुद्ध प्रभावी एवं कठोर न्यायिक कार्रवाई कराई जाएगी।

Pratahkal Bureau
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