सवाई माधोपुर: पीएम फसल बीमा योजना से किसानों को ₹47.33 करोड़ का क्लेम
सवाई माधोपुर जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित 51 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 46 करोड़ 28 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।

अतिवृष्टि से तबाह हुई फसलों के बीच प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सवाई माधोपुर जिले के किसानों के लिए मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। जिला कलक्टर काना राम के विशेष निर्देशन और सतत मॉनिटरिंग में खरीफ-2025 सीजन के दौरान जिले के किसानों को 47 करोड़ 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड दावा राशि स्वीकृत की गई है। इस राहत राशि से 51 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिला है और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि खरीफ-2025 में जिले में हुई अतिवृष्टि के कारण बाजरा, तिल और उड़द की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा था। इसके बाद जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में कृषि विभाग और बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से सर्वे, फसल कटाई प्रयोग और औसत उपज का वैज्ञानिक आकलन किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर बीमित किसानों के लिए दावा राशि स्वीकृत की गई।
उन्होंने बताया कि अब तक जिले के 51 हजार 370 किसानों के खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है। गत वर्ष खरीफ-2024 में किसानों को 35 करोड़ 44 लाख रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई थी, जबकि इस वर्ष 47 करोड़ 33 लाख रुपये की सर्वाधिक राशि स्वीकृत हुई है। इसे योजना के प्रति किसानों की बढ़ती जागरूकता और समय पर बीमा करवाने का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) श्याम बिहारी मधुरिया ने बताया कि जिले की विभिन्न तहसीलों में बड़ी संख्या में किसानों को बीमा दावा राशि का लाभ मिला है। सर्वाधिक 20 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि सवाई माधोपुर तहसील के किसानों को मिली है। इसके अलावा चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र को 8 करोड़ 96 लाख रुपये, मलारना डूंगर को 3 करोड़ 41 लाख रुपये, बौंली तहसील को 2 करोड़ 54 लाख रुपये, खंडार क्षेत्र को 2 करोड़ 89 लाख रुपये, बामनवास को 1 करोड़ 42 लाख रुपये, बरनाला क्षेत्र को 2 करोड़ 5 लाख रुपये, वजीरपुर को 1 करोड़ 51 लाख रुपये, तलावड़ा को 1 करोड़ 78 लाख रुपये, मित्रपुरा को 65 लाख रुपये तथा गंगापुर क्षेत्र को 47 लाख रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ-2025 में जिले के 68 हजार 258 किसानों द्वारा 3 लाख 77 हजार 687 पॉलिसियां ली गईं और लगभग 53 हजार 968 हेक्टेयर क्षेत्र बीमित किया गया। किसानों द्वारा करीब 4 करोड़ 80 लाख रुपये प्रीमियम जमा करवाया गया था।
योजना से लाभान्वित किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। ग्राम कुश्तला निवासी किसान मेरवाल सिंह ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 से योजना के तहत फसल बीमा करवाना शुरू किया था। इस वर्ष 5 हजार 315 रुपये प्रीमियम जमा करवाने पर उन्हें 1 लाख 81 हजार रुपये की दावा राशि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
इसी प्रकार ग्राम खिजूरी के एक किसान ने 5.5 एकड़ भूमि का बीमा करवाया था। उन्हें लगभग 3 हजार 800 रुपये प्रीमियम के बदले 1 लाख 6 हजार रुपये का मुआवजा मिला। वहीं भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री और प्रगतिशील किसान गजानंद जाट ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि समय पर बीमा, सही गिरदावरी और फसल क्षति की सूचना दर्ज करवाने से किसानों को बेहतर क्लेम प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अधिक वर्षा से उड़द की फसल खराब होने पर उन्हें भी 50 हजार रुपये से अधिक की दावा राशि मिली है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ-2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत नामांकन प्रक्रिया 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक संचालित की जाएगी। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक शाखाओं के माध्यम से किया जाएगा, जबकि गैर-ऋणी किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल, ई-मित्र, सीएससी केंद्र अथवा अधिकृत बीमा प्रतिनिधियों के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
योजना के तहत गैर-ऋणी किसानों को अधिसूचित फसल की बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करवाना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड, जनाधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज, बुवाई प्रमाण-पत्र और स्वप्रमाणित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
जिला कलक्टर काना राम ने जिले के किसानों से समय पर फसलों का बीमा करवाने की अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन किसानों के हित संरक्षण तथा कृषि सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ-2025 में स्वीकृत रिकॉर्ड मुआवजा राशि ने यह स्पष्ट कर दिया है कि समय पर बीमा और प्रभावी प्रशासनिक मॉनिटरिंग किसानों के लिए संकट के समय बड़ी राहत साबित हो सकती है।

Pratahkal Bureau
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