सवाई माधोपुर। आधुनिकता की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच आज 'परिवार' रूपी संस्था गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। आपसी समझ की कमी और बढ़ती अपेक्षाओं के कारण बिखरते रिश्तों की इस विकट समस्या पर गहरा चिंतन करने हेतु श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, मंडी रोड, आवासन मंडल द्वारा दुर्ग पैलेस गार्डन में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। "टूटते रिश्ते, बिखरते परिवार: कारण और निवारण" विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के सुशिष्य मुनिश्री अर्हत कुमारजी ने विशाल जन मेदिनी को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भावनात्मक बुद्धि (इमोशनल इंटेलिजेंस) का विकास और नकारात्मकता का परित्याग ही पारिवारिक तनाव से मुक्ति का एकमात्र मार्ग है।

मुनिश्री अर्हत कुमारजी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में समाज की दुखती रग पर हाथ रखते हुए कहा कि आज टूटते रिश्ते और बढ़ती आत्महत्याएं समाज को आक्रांत कर रही हैं। उन्होंने भौतिकवादी जीवन शैली, निजी स्वार्थ, मोबाइल क्रांति, मानसिक अस्वस्थता और जीवन मूल्यों में आ रहे बदलावों को पारिवारिक बिखराव का मुख्य कारण बताया। मुनिश्री ने इन समस्याओं के समाधान हेतु 'खुली और ईमानदार बातचीत' को अनिवार्य बताया। उन्होंने सभा को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि हम परिवार को अधिक समय दें, क्षमा और करुणा जैसे मूल्यों को आत्मसात करें, स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करें और साधु-साध्वियों के निरंतर संपर्क में रहें, तो बिखरते घरों को पुनः स्वर्ग बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुनिश्री जयदीप कुमारजी ने पारिवारिक समरसता को बढ़ावा देने वाले प्रभावी सूत्र प्रदान किए और अपनी सुमधुर गीतिका के माध्यम से जन-जन को भावविभोर कर दिया। वहीं मुनिश्री भरत कुमारजी ने विशेष रूप से दंपत्तियों के मध्य बढ़ते वैचारिक मतभेदों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नकारात्मक चिंतन को त्यागकर विधायी (सकारात्मक) सोच को जीवन में प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी।

इस आध्यात्मिक आयोजन का शुभारंभ तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात तेरापंथ कन्या मंडल, आदर्श नगर की कन्याओं ने एक प्रेरणादाई नाटिका का मंचन किया, जिसने रिश्तों की अहमियत को जीवंत कर दिया। स्थानीय सभा के अध्यक्ष अनिल जैन एडवोकेट एवं मंत्री प्रदीप जैन ने अतिथियों का पारंपरिक रूप से दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विभिन्न मतों और पंथों के अनुयायियों की व्यापक उपस्थिति रही, जो समाज में एकता का संदेश दे रही थी। कार्यक्रम का कुशल संचालन और आभार ज्ञापन अध्यक्ष अनिल जैन एडवोकेट द्वारा किया गया, जिसके पश्चात सभी ने सहभोज के साथ इस गरिमामयी आयोजन का सानंद समापन किया। यह संगोष्ठी समाज को रिश्तों के प्रति पुनः जागरूक करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई।

Pratahkal Bureau

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