Sawai Madhopur News:हैकर्स पूछते नहीं, अनुमान लगाते हैं — अनुमान असंभव बनाइए : साइबर सुरक्षा पर सवाई माधोपुर पुलिस की चेतावनी
सवाई माधोपुर पुलिस ने साइबर सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें पासवर्ड सुरक्षा, फिशिंग से बचाव और डिजिटल सतर्कता के महत्त्व पर जोर दिया गया है। पुलिस ने चेताया—“हैकर्स पूछते नहीं, अनुमान लगाते हैं—अनुमान असंभव बनाइए।”

सवाई माधोपुर, 11 नवंबर। डिजिटल युग में जहां सुविधाएं बढ़ रही हैं, वहीं साइबर अपराधों का जाल भी तेजी से फैलता जा रहा है। इसी खतरे को देखते हुए देशभर के मुख्य सचिवों के तृतीय राष्ट्रीय सम्मेलन में "साइबर सुरक्षा — उभरती चुनौतियां" विषय पर अहम निर्णय लिया गया था कि आमजन को साइबर ठगी से बचाने के लिए डिजिटल साक्षरता का विस्तार जमीनी स्तर तक किया जाए। इसी क्रम में सवाई माधोपुर पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने और पासवर्ड सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि पासवर्ड डिजिटल जीवन की पहली सुरक्षा दीवार है। ईमेल, बैंक खाते, सोशल मीडिया और कार्य से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा इसी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आपका पासवर्ड प्राप्त कर लेता है, तो वह न केवल आपकी पहचान का दुरुपयोग कर सकता है, बल्कि आपके वित्तीय लेन-देन और गोपनीय डेटा को भी खतरे में डाल सकता है।
एडवाइजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे 12 से 16 अक्षरों का लंबा पासवर्ड बनाएं जिसमें बड़े और छोटे अक्षर, अंक और प्रतीक शामिल हों। सरल या अनुमान लगाने योग्य शब्द जैसे नाम, जन्मदिन या 123 जैसी सामान्य श्रृंखलाओं से बचने की अपील की गई है। हर ऑनलाइन खाते के लिए अलग पासवर्ड रखने और पासवर्ड मैनेजर टूल्स का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है।
इसके साथ ही यह भी चेताया गया है कि पासवर्ड कहीं लिखने की स्थिति में उसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और कभी भी किसी सहकर्मी, मित्र या तकनीकी सहायता कर्मचारी के साथ साझा न किया जाए। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि “हैकर्स पूछते नहीं, अनुमान लगाते हैं — इसलिए अपना अनुमान असंभव बनाइए।”
फिशिंग के बढ़ते मामलों पर चेतावनी देते हुए एडवाइजरी में बताया गया कि धोखेबाज अक्सर किसी विश्वसनीय कंपनी या व्यक्ति का रूप धारण कर ईमेल, फोन कॉल या नकली वेबसाइटों के माध्यम से नागरिकों से व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। ये संदेश या लिंक अक्सर डर या दबाव पैदा करके लोगों से त्वरित कार्रवाई करवाने का प्रयास करते हैं, जिससे वे अपनी संवेदनशील जानकारी साझा कर बैठते हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ईमेल, कॉल या लिंक पर भरोसा न करें, और किसी वेबसाइट पर जाने के लिए हमेशा उसका पता स्वयं टाइप करें। साथ ही, मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2-Step Verification) का उपयोग करें तथा अपने फोन और कंप्यूटर को नियमित रूप से अपडेट रखें।
साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या वेबसाइट https://cybercrime.gov.in
पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
यह पहल न केवल नागरिकों की सुरक्षा को मजबूत बनाएगी, बल्कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक सशक्त डिजिटल रक्षा तंत्र खड़ा करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau
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