सवाई माधोपुर में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक प्रकरणों के निस्तारण और प्री-लिटिगेशन मामलों को समय पर प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कानून के प्रावधानों को लेकर जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम ने बैठक का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर 2026 को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से किया जा रहा है।

सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित क्लेम के विवाद, एनआई एक्ट की धारा 138, धन वसूली के सभी प्रकार के विवाद एवं वसूली के लंबित प्रकरणों सहित गृहकर के विवादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय निकायों द्वारा वसूली से संबंधित सभी प्रकार के विवाद, सभी प्रकार के राजस्व विवाद तथा अन्य सभी प्रकार के सिविल विवाद, उपभोक्ता विवाद, जनउपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद एवं अन्य राजीनामा योग्य विवाद भी निस्तारण के लिए लिए जाएंगे।

समीक्षा गौतम ने बैंक एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित समय सीमा में अपनी-अपनी बैंक शाखाओं के प्री-लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य जारी किए जाने वाले नोटिसों की समय पर तामील सुनिश्चित करना है।

उन्होंने संबंधित बैंक शाखाओं में राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी निर्देशित किया, ताकि अधिकाधिक पक्षकार अपने प्रकरणों को राष्ट्रीय लोक अदालत में रैफर करवाकर उनका निस्तारण करा सकें।

बैठक के दौरान जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। इसमें सचिव समीक्षा गौतम एवं पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने उपस्थित बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों की जानकारी दी।

आयोजित बैठक एवं जागरूकता शिविर में जिला अग्रणी प्रबंधक प्रदीप कुमार, बैंक ऑफ बड़ौदा से मुकेश मीना और रजनीश कुमार, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया से हरिप्रसाद मीना, अमृतलाल और ललित कुमार मीना, बैंक ऑफ इण्डिया से तेजराम मीना, बैंक ऑफ महाराष्ट्र से अनमोल अंगरीश, इण्डियन ओवरसीज बैंक से दीवान सिंह मीना, यूको बैंक से दूलीसिंह मीना, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया से सुजालाल, राजस्थान ग्रामीण बैंक से प्रदीपपाल सिंह और मनोज कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया से हंसराज मीना और धनपाल गौतम, इंडसइंड बैंक से अवतारलाल गुर्जर, पंजाब नेशनल बैंक से रोहित नामा और वरूण गुप्ता, यस बैंक से नितेश शर्मा, कैनरा बैंक से भागचन्द मीना, आईडीबीआई बैंक से ऐश्वर्य कांजोलिया, पंजाब सिंध बैंक से प्यार सिंह गुर्जर, बंधन बैंक से देवीसिंह नरूका, हीरो फिनकॉर्प से दिलीप सिंह तथा श्रीराम फाईनेन्स से नितेश सैनी उपस्थित रहें।

12 सितम्बर 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले हुई यह बैठक बैंक एवं वित्तीय संस्थानों से जुड़े प्री-लिटिगेशन और लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित कराने की तैयारियों के साथ-साथ कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति प्रतिनिधियों को जागरूक करने पर केंद्रित रही।

Pratahkal Newsroom

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