सवाई माधोपुर में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के वित्तीय सहयोग से संचालित एलईडीपी (आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम) के अंतिम बैच का 10 दिवसीय प्रशिक्षण गुरुवार को शुरू हुआ। आरुही विकास संस्थान द्वारा आयोजित “क्षीर समृद्धि महिला डेयरी विकास कार्यक्रम” के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण का शुभारंभ जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड पुनीत हरित ने किया।

प्रशिक्षण शुभारंभ अवसर पर जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड पुनीत हरित ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ डेयरी उद्यमिता अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। यदि महिलाएं वैज्ञानिक पशुपालन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और दूध के मूल्य संवर्धित उत्पादों का निर्माण सीखकर उन्हें बाजार से जोड़ें, तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकती हैं। उन्होंने प्रशिक्षण में नियमित उपस्थिति, व्यवहारिक अभ्यास और सीखी गई तकनीकों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस विषय विशेषज्ञ लवकुश यादव ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा, डेयरी उद्यमिता के महत्व, वैज्ञानिक पशुपालन, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन और समूह आधारित आजीविका विकास के बारे में जानकारी दी।

आगामी 10 दिनों में महिला प्रतिभागियों को पशुपालन, पशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार, दुग्ध उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग, विपणन, बैंक लिंकेज एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ी व्यवहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम में आरुही विकास संस्थान के पदाधिकारी, प्रशिक्षण दल और स्वयं सहायता समूहों की बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को डेयरी क्षेत्र में उद्यमिता कौशल विकसित करने और आजीविका के नए अवसरों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

Pratahkal Newsroom

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