राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए हत्या के मामले में फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी अपराधी को दबोच लिया है। सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, जिला पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर के कुशल निर्देशन तथा अति० पुलिस अधीक्षक श्री विजयसिंह एवं श्री उदय सिंह, पुलिस उपाधीक्षक शहर के सुपरविजन में गठित टीम ने कार्यवाही करते हुए प्रकरण संख्या 102/2026 के वांछित आरोपी राजेश उर्फ जॉन को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी मानटाउन सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी राजेश उर्फ जॉन पुत्र चिरंजीलाल, उम्र 30 साल, निवासी सीमेंट फैक्ट्री को चौथ का बरवाड़ा से दस्तयाब किया और बाद अनुसंधान थाने पर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

इस सनसनीखेज वारदात का घटनाक्रम 16 मार्च 2026 की रात का है। कोटा के थाना कुन्हाड़ी अंतर्गत हनुमान काली बस्सी, थर्मल चौराहा निवासी परिवादी श्री रमेशचन्द ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने बेटे विशाल और परिवार के साथ सवाई माधोपुर स्थित सीमेंट फैक्ट्री में संजय कलोसिया के यहाँ आयोजित बारात में आए थे। रात करीब 9 बजे डीजे पर नाचने की बात को लेकर स्थानीय लड़कों के साथ विवाद उत्पन्न हो गया। इस विवाद के दौरान आरोपी राजेश उर्फ जॉन सहित करण पुत्र सुरेश, अर्जुन पुत्र सुरेश, नागिन, पिटू उर्फ भूरी, राहुल, गोल खटीक, शोयब, कुंडाल खटीक एवं अन्य 4-5 लड़कों ने धारदार चाकू से विशाल पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में विशाल के सीने, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। घायल विशाल को तुरंत रणथम्भौर सेविका हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने इस हत्याकांड के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 103(1) एवं एससी/एसटी एक्ट की धारा 3-2(V) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रकरण का अनुसंधान वृत्ताधिकारी उदयसिंह द्वारा किया गया। इससे पूर्व पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 18 मार्च 2026 को तीन अन्य आरोपियों अर्जुन उर्फ बोना पुत्र सुरेश, कृष्णा हरिजन पुत्र गुरुचरण और मारुफ उर्फ पिन्टू पुत्र इब्राहिम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जो वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में हैं। मुख्य आरोपी राजेश उर्फ जॉन की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस सफल कार्यवाही में थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के साथ कांस्टेबल भरतलाल (1629) और महेन्द्र (1379) शामिल रहे, जबकि कांस्टेबल अशोक (1357) की विशेष भूमिका रही। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से गहनता से पूछताछ कर रही है।

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