सवाई माधोपुर में आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित बाढ़, अतिवृष्टि और जलभराव जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह कमर कस चुका है। सोमवार को जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का खाका तैयार किया गया। जिला प्रमुख सुदामा मीणा की उपस्थिति में हुई इस बैठक में कलक्टर ने साफ निर्देश दिए कि आपदा के दौरान जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मुस्तैद रहें।

जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि मानसून पूर्व तैयारियों के तहत जिले में 24 घंटे कार्यशील नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने उपखंड और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान करें और वहां चेतावनी बोर्ड लगाना सुनिश्चित करें। बैठक में नदी, नालों, बांधों और एनीकट की सुरक्षा के साथ-साथ आपात स्थिति में पानी की निकासी और आबादी क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की विशेष योजना तैयार करने पर जोर दिया गया।

प्रशासन ने जमीनी स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करने के लिए विकास अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम पंचायत में जेसीबी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और गोताखोरों की सूची तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, विद्युत विभाग को एफआरटी टीमों को सक्रिय रखने और नगरीय निकायों को नालों की सफाई एवं सरकारी भवनों के निरीक्षण का जिम्मा सौंपा गया है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया और सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का यह नियोजित कदम आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम पहल है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

Pratahkal Newsroom

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