सवाई माधोपुर, 29 जून 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर द्वारा आमजन को कानून के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष सचल लोक अदालत और विधिक सहायता अभियान का आगाज किया गया है। सोमवार को जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर, श्री देवेन्द्र दीक्षित ने जिला न्यायालय परिसर से विधिक सहायता एवं सचल लोक अदालत मोबाईल वैन (वाहन संख्या आर.जे. 14 पीसी 7573) को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव, समीक्षा गौतम ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि जिले में 15 जून 2026 से 5 जुलाई 2026 तक संचालित इस अभियान के तहत जिला मुख्यालय सहित गंगापुर सिटी, बामनवास, बौंली एवं खंडार तालुकाओं में कानूनी जागरूकता का प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर तीन दिवसीय विशेष कार्ययोजना क्रियान्वित की जा रही है। अभियान के प्रथम दिवस, 29 जून को जिला न्यायालय परिसर से रवाना हुई वैन ने चकचैनपुरा, पचीपल्या, करमोदा, सूरवाल, धनौली एवं मैनपुरा में भ्रमण किया। इस दौरान नालसा व रालसा की जनकल्याणकारी योजनाओं, पोश एक्ट, बालविवाह रोकथाम, राष्ट्रीय लोक अदालत, मध्यस्थता कानूनों, समाधान समारोह और स्थाई लोक अदालत से संबंधित पोस्टर व पम्पलेट्स का वितरण कर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया गया।

अभियान के क्रम को आगे बढ़ाते हुए 30 जून को दूसरी कड़ी में खेड़ली, धमूण, बिलोपा, देवपुरा, एकड़ा, बोरदा, ईटावा, कावड़, गिरदरपुरा, बिंजारी, बांसड, चौथ का बरवाड़ा एवं पांवाडेरा में वैन का संचालन किया जाएगा। वहीं, तृतीय दिवस 01 जुलाई को शेरपुर, खिलचीपुर, रावल, कुंडेरा, श्यामपुरा एवं भूरी पहाड़ी के ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक सेवा योजनाओं, निशुल्क विधिक सहायता, बालविवाह रोकथाम और मध्यस्थता के माध्यम से विवाद निस्तारण एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर आमजन को शिक्षित किया जाएगा। इसके उपरांत, 02 जुलाई से 05 जुलाई 2026 तक यह मोबाईल वैन तालुका खंडार के सुदूर गांवों में कानून की रोशनी पहुँचाएगी।

इस गरिमामयी अवसर पर विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-02 प्रेमराज सिंह चंद्रावत, विशिष्ट न्यायाधीश अजा/अजजा (अत्याचार निवारण) प्रकरण असीम कुलश्रेष्ठ, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गार्गी चौधरी, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 किरण प्रजापत, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 अनिता रजवानिया के साथ ही न्यायिक कर्मचारीगण, अधिवक्तागण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। यह पहल सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने और कानूनी साक्षरता के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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