सवाई माधोपुर: ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत मित्रपुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी का जाल बिछाने वाला आरोपी गिरफ्तार
सवाई माधोपुर के मित्रपुरा थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए किरोड़ी लाल मीना को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खातों में 20 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के निर्देशन में सुशीला मीना और उनकी टीम ने इस शातिर जालसाज को दबोचकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।

सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन एंटीवायरस' को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले की मित्रपुरा थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के तंत्र पर कड़ा प्रहार करते हुए एक ऐसे शातिर आरोपी को दबोचा है, जिसके बैंक खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों के बीच पुलिस की सजगता और तकनीक आधारित जांच का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार (IPS) के कड़े निर्देशों के साथ लिखी गई। उनके मार्गदर्शन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बौली) श्री नीलकमल (RPS) तथा पुलिस उपाधीक्षक (वृत्त बौली) श्री उमेश गुप्ता (RPS) के कुशल सुपरवीजन में मित्रपुरा पुलिस ने साइबर ठगों के नेटवर्क को भेदने के लिए जाल बिछाया। पुलिस निरीक्षक सुशीला मीना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर मानपुर निवासी 22 वर्षीय किरोड़ी लाल मीना पुत्र रामकिशन मीना को चिन्हित किया।
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में सामने आया कि आरोपी किरोड़ी लाल मीना 'म्यूल अकाउंट' (Mule Account) के जरिए ऑनलाइन ठगी की राशि को ठिकाने लगाने का काम कर रहा था। आरोपी के बैंक खातों की जांच करने पर करीब बीस लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन का विवरण मिला है, जो सीधे तौर पर साइबर धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने 10 जनवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मित्रपुरा थाना पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण संख्या 07/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस महत्वपूर्ण सफलता को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी सुशीला मीना के साथ सहायक उपनिरीक्षक साबिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई। टीम के अन्य सदस्यों में कांस्टेबल तेजराम सिंह (संख्या 80), शीशराम (संख्या 142), ओमप्रकाश (संख्या 737), सीताराम (संख्या 297), हुकमाराम (संख्या 1489) और विनोद (संख्या 1420) शामिल रहे, जिनकी मुस्तैदी ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया। पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस साइबर सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों और ठगी के नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके। यह गिरफ्तारी जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि आधुनिक तकनीक और सतर्क पुलिसिंग के युग में कानून के हाथ उनके गिरेबान तक पहुँचने में देर नहीं लगाएंगे।

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