सवाई माधोपुर का राजस्थान संपर्क पोर्टल पर धमाका: जन-सुनवाई में प्रदेश भर में गाड़ा सफलता का झंडा
सवाई माधोपुर जिले ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दिसंबर 2025 में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक दक्षता की नई मिसाल पेश की है। जिला कलक्टर काना राम के नेतृत्व में 98% से अधिक शिकायतों का निस्तारण कर जिले ने त्वरित जन-सुनवाई में राजसमंद को भी पीछे छोड़ दिया है। जानिए कैसे सवाई माधोपुर बना जन-समस्या समाधान में राजस्थान का अग्रणी जिला।

सवाई माधोपुर, 3 जनवरी। जन-समस्याओं के समाधान की प्रतिबद्धता और संवेदनशील प्रशासन के तालमेल ने सवाई माधोपुर जिले को एक बार फिर प्रदेश के मानचित्र पर गौरवशाली स्थान दिलाया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली 'राजस्थान संपर्क पोर्टल' पर सवाई माधोपुर ने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए दिसंबर 2025 में राजस्थान भर में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की बाजीगरी नहीं, बल्कि जिले में पनपी एक नई और जवाबदेह कार्यसंस्कृति का जीवंत प्रमाण है, जहाँ आमजन की शिकायतों को महज़ कागज का टुकड़ा न मानकर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
पोर्टल पर जारी नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, सवाई माधोपुर ने दिसंबर माह के दौरान कुल 13,122 शिकायतों में से 8,892 का सफलतापूर्वक निस्तारण कर 67.76 प्रतिशत की प्रभावी दर दर्ज की है। विशेष रूप से ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि यहाँ शिकायतों के निस्तारण का औसत समय मात्र 10 दिन रहा, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहे राजसमंद (औसत 13 दिन) से भी बेहतर और त्वरित है। जिले का नागरिक संतुष्टि स्तर भी 66.9 प्रतिशत रहा, जो प्रशासन के प्रति जनता के गहरे भरोसे को दर्शाता है। यदि पिछले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) के आंकड़ों पर दृष्टि डालें, तो जिले ने 84,630 शिकायतों में से 81,015 का निपटारा कर 98.72 प्रतिशत की अद्भुत सफलता दर हासिल की है।
इस शानदार उपलब्धि का श्रेय जिला कलक्टर काना राम की दूरदर्शी मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट को जाता है। जिला कलक्टर काना राम ने इस सफलता पर समस्त विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए इसे सामूहिक प्रयास का सुखद परिणाम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमित समीक्षा बैठकों, समाधान शिविरों और जनसुनवाई के माध्यम से प्रत्येक परिवाद पर गंभीरता से की गई कार्यवाही ने ही जिले को इस मुकाम तक पहुँचाया है। काना राम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में लक्ष्य शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और नागरिक संतुष्टि में निरंतर वृद्धि का होना चाहिए, ताकि प्रशासन की पहुंच हर पीड़ित व्यक्ति तक सुगम हो सके।
सवाई माधोपुर के लिए यह सफलता कोई संयोग नहीं है, बल्कि लंबित प्रकरणों के अंबार वाले जिले से 'परफॉरमेंस लीडर' बनने तक का सफर चुनौतीपूर्ण रहा है। पूर्व में भी जिला अपनी सुधारवादी नीतियों के कारण चर्चा में रहा है। प्रशासन ने अब आमजन से अपील की है कि वे 181 हेल्पलाइन और संपर्क पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें। इस गौरवशाली उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब प्रशासन पारदर्शी और उत्तरदायी होता है, तो वह न केवल फाइलों का निपटारा करता है, बल्कि आम आदमी के विश्वास की नींव को भी सुदृढ़ करता है। सवाई माधोपुर का यह 'मॉडल ऑफ गवर्नेंस' आज प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है।

Pratahkal Bureau
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