सवाई माधोपुर: परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, फर्जीवाड़े की आशंका के बीच अब वाहनों का होगा भौतिक सत्यापन
सवाई माधोपुर परिवहन विभाग ने पुरानी सीरीज के वाहनों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए भौतिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया है। अवैध स्वैपिंग और फर्जी दस्तावेजों के जरिए पंजीकरण कराने वाले वाहनों पर अब धारा 55(5) के तहत गाज गिरेगी। तीन दिन में सत्यापन न कराने पर आरसी निरस्त होगी। जानिए क्या है पूरा मामला और विभाग की अगली रणनीति।

सवाई माधोपुर। राजस्थान के परिवहन विभाग में पुराने नंबरों के खेल और पंजीकरण में बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ियों के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। सवाई माधोपुर जिला परिवहन कार्यालय से जारी एक हालिया फरमान ने उन वाहन स्वामियों की नींद उड़ा दी है जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपने वाहनों का पंजीकरण या नंबरों की अदला-बदली करवाई थी। विभाग द्वारा पुरानी सीरीज यानी तीन अंकों वाले वाहनों के प्रकरणों की जब गहनता से जांच की गई, तो परत-दर-परत कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिले में कई वाहनों के दस्तावेजों के साथ न केवल छेड़छाड़ की गई, बल्कि नियम विरुद्ध तरीके से बैकलॉग प्रविष्टियां और अवैध स्वैपिंग के जरिए सिस्टम में सेंध लगाई गई है।
जिला परिवहन अधिकारी ने इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान रिअसाइनमेंट में फर्जी दस्तावेजों का उपयोग और वाहनों के चैसिस व इंजन नंबर में फेरबदल जैसी गंभीर अनियमितताएं पकड़ी गई हैं। इतना ही नहीं, कई मामलों में तो वाहन की श्रेणी और वर्ग को भी अवैध रूप से बदल दिया गया, जो सीधे तौर पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 का उल्लंघन है। विभाग की इस सख्त पड़ताल ने उन गिरोहों और वाहन स्वामियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है जो कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर सड़क पर वाहन दौड़ा रहे थे। अब प्रशासन इन संदिग्ध पंजीकरणों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 55(5) के तहत निरस्त करने की तैयारी में है, जो विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।
इसी कड़ी में परिवहन अधिकारी ने एक कड़ा निर्देश जारी करते हुए जिले के ऐसे सभी वाहन स्वामियों को अल्टीमेटम दिया है जिनके वाहनों का हाल ही में पंजीकरण, हस्तांतरण या पते में परिवर्तन हुआ है। इन सभी वाहन स्वामियों को आगामी तीन दिनों के भीतर अपने वाहन और संबंधित मूल दस्तावेजों के साथ जिला परिवहन कार्यालय में भौतिक सत्यापन के लिए अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। विशेष रूप से जिन वाहनों पर नंबर रिटेंशन या स्वैपिंग का कार्य किया गया है, उनके लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यालय न पहुंचने वाले वाहनों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) के निर्देशों के क्रम में अब ई-फाइल प्रणाली के तहत इन मामलों में कड़ी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे परिवहन तंत्र में पारदर्शिता और सुरक्षा का एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।

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