सरसों की तूड़ी से बदलेगी लोरवाड़ा स्कूल की तस्वीर, 11 लाख के सहयोग पर मिलेगा 16.50 लाख राज्यांश
लोरवाड़ा विद्यालय के लिए ग्रामीणों ने सरसों की तूड़ी की नीलामी से 11 लाख जुटाए। राज्यांश से कुल 27.50 लाख रुपये से विकास होगा।

तस्वीर में सवाई माधोपुर के जिला कलक्टर को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लोरवाड़ा के विकास के लिए जनसहयोग राशि का चेक सौंपते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य, अधिकारी और स्थानीय ग्रामीण दिखाई दे रहे हैं।
सवाई माधोपुर में सरसों की तूड़ी की नीलामी और जनसहयोग से जुटाई गई 11 लाख रुपये की राशि अब राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लोरवाड़ा के विकास की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। स्थानीय ग्रामवासियों की इस सामूहिक पहल के तहत विद्यालय को 11 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से इस राशि पर लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये का अतिरिक्त राज्यांश उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यालय को विकास कार्यों के लिए कुल लगभग 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त होगी।
सवाई माधोपुर, 24 अगस्त। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में संचालित अभिनव पहल “भविष्य की उड़ान” एवं मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय विद्यालयों में भौतिक एवं शैक्षिक संसाधनों के विकास की दिशा में प्रभावी माध्यम बन रही है। इसी क्रम में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लोरवाड़ा के भौतिक विकास के लिए स्थानीय ग्रामवासियों ने सामूहिक पहल करते हुए सरसों की तूड़ी की नीलामी एवं जनसहयोग से प्राप्त 11 लाख रुपये की राशि विद्यालय को जनसहयोग के रूप में प्रदान की।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रतनलाल मीणा एवं ग्रामवासियों द्वारा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी देवी लाल मीणा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक हरकेश लाल मीणा तथा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक दिनेश कुमार गुप्ता की उपस्थिति में सहयोग राशि का चौक मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने के लिए जिला कलक्टर कानाराम को सौंपा गया। जिला कलक्टर ने कहा कि ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल ने विद्यालय विकास में जनभागीदारी की भावना को मजबूती प्रदान की है।
एडीपीसी हरकेश लाल मीणा ने कहा कि जुलाई 2022 से संचालित अभिनव पहल “भविष्य की उड़ान” के माध्यम से स्थानीय समुदाय एवं विद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जनसहभागिता से विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास तेजी से हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
कार्यक्रम अधिकारी, समग्र शिक्षा हेमराज मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के प्रावधानों के अनुसार विद्यालय को प्राप्त 11 लाख रुपये की सहयोग राशि पर राज्य सरकार द्वारा लगभग 16 लाख 50 हजार रुपये का अतिरिक्त राज्यांश उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रकार विद्यालय को विकास कार्यों के लिए कुल लगभग 27 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध राशि से विद्यालय में नवीन कक्षा-कक्षों का निर्माण, कक्षा-कक्षों की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक भौतिक संसाधनों का विकास किया जाएगा। इससे विद्यालय की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी तथा विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
इस अवसर पर सीबीईओ जगदीश नागर, एपीसी योगेश मीणा, आरपी राकेश कुमार मीणा, ग्रामवासी मूल्या पटेल, जगदीश गुर्जर, अम्बालाल, कैलाश गुर्जर, सत्यनारायण गुर्जर, गोपीचंद भगत, कालूराम गुर्जर सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों की ओर से सरसों की तूड़ी की नीलामी और जनसहयोग से जुटाई गई 11 लाख रुपये की राशि से विद्यालय विकास को गति मिलेगी तथा राज्यांश के साथ कुल लगभग 27.50 लाख रुपये से आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

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