गुड टच-बेड टच की जानकारी देकर न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों को किया जागरूक
सवाई माधोपुर में न्यायिक अधिकारियों ने जागरूकता शिविरों में बच्चों को गुड टच-बेड टच, पॉक्सो कानून और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

तस्वीर में सवाई माधोपुर के एक विद्यालय में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर के दौरान मंच पर मौजूद न्यायिक अधिकारी और नीचे फर्श पर बैठी स्कूली छात्राएं नजर आ रही हैं।
सवाई माधोपुर में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में “शोषण के खिलाफ आवाज उठाओ, स्वयं अपने रक्षक बनें। अच्छा स्पर्श, बुरा स्पर्शः फर्क समझो, सुरक्षित रहो” विषय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। ज्तंदेवितउंजपअम ज्नमेकंले के अवसर पर आयोजित इन शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को गुड टच एवं बेड टच के बारे में जानकारी देकर बच्चों को जागरूक किया।
सवाई माधोपुर न्याय क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले यौन शोषण, लैंगिक अपराधों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-01 मीनाक्षी जैन ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में, विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-02 प्रेमराज सिंह चंद्रावत ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय साहूनगर में, विशिष्ट न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) प्रकरण असीम कुलश्रेष्ठ ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आलनपुर में जागरूकता शिविर आयोजित किया।
इसी क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समीक्षा गौतम ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गार्गी चौधरी ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शहर सवाई माधोपुर में, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 किरण प्रजापत ने पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 72 सीढ़ी शहर सवाई माधोपुर में तथा अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 अनिता रजवानिया ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय खिलचीपुर में विद्यार्थियों को जागरूक किया।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश संख्या-02 गंगापुर सिटी रेशमा खान ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय हिंगोटिया में, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर सिटी संगीता मोगा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुनकटा कलां में, विकास नेहरा अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति बौंली ने जय बजरंग उच्च माध्यमिक विद्यालय बौंली में, रविंद्र कुमार कुंतल अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति खंडार ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल खंडार में तथा नेहा मौर्य अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति चौथ का बरवाड़ा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रजवाना में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया।
शिविरों में न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, डराने-धमकाने या शोषण की स्थिति में बच्चे बिना भय के अपने माता-पिता, शिक्षक, अभिभावक, पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को तत्काल सूचना दें।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को गुड टच एवं बेड टच के बीच का अंतर सरल भाषा में समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उनकी इच्छा के विरुद्ध अनुचित स्पर्श करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है तो वे तुरंत “ना” कहें, वहां से हट जाएं और किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। साथ ही, बच्चों को समझाया गया कि किसी भी धमकी या लालच में आकर ऐसी घटनाओं को छिपाना नहीं चाहिए।
न्यायिक अधिकारियों ने पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करता है तथा ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर दण्ड का प्रावधान करता है। इसके साथ ही किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिविर में विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने, शोषण का विरोध करने और आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, निकटतम पुलिस थाने अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं अधिकार मित्रों द्वारा भी जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों को बच्चों की सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।

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