सवाई माधोपुर, 25 जून। राज्य सरकार के निर्देशानुसार संचालित ‘ग्रामीण सेवा शिविर-2026’ ने आमजन के लिए विश्वास और समाधान का नया अध्याय लिखा है। ग्राम पंचायत मुई में आयोजित शिविर के दौरान एक ऐसे भूमि विवाद का निस्तारण हुआ, जो पिछले 50 वर्षों से 11 परिवारों के बीच एक जटिल चुनौती बना हुआ था। यह मामला आपसी सहमति और त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप का एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है।

शिविर के दौरान राजस्व विभाग की टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को सह-खातेदारी भूमि के आपसी विभाजन से होने वाले दीर्घकालिक लाभों के प्रति जागरूक किया। इस मार्गदर्शन का ही परिणाम रहा कि खाता संख्या 569, रकबा 1.12 हेक्टेयर भूमि के 11 सह-खातेदारों ने अपनी वर्षों पुरानी शामलाती भूमि के बंटवारे के लिए सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत किया। राजस्व विभाग की टीम ने इस संवेदनशीलता को समझते हुए मौके पर ही सक्रियता दिखाई। पटवारी अनीता शर्मा एवं भू-अभिलेख निरीक्षक देशराज मीणा ने पूरी तत्परता से राजस्व रिकॉर्ड और स्थल का भौतिक सत्यापन किया। सभी सह-खातेदारों की पूर्ण सहमति सुनिश्चित करने के बाद, विभाग ने विभाजन का प्रस्ताव तैयार कर प्रत्येक खातेदार का पृथक हिस्सा वैधानिक रूप से निर्धारित कर दिया।

वर्षों से चली आ रही इस भूमि संबंधी समस्या के समाधान से लाभार्थियों में हर्ष की लहर दौड़ गई। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से उन्हें अपने गांव में ही त्वरित, पारदर्शी और सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त हुआ है, जिससे उनका समय और धन दोनों की बचत हुई है और अनावश्यक कानूनी विवादों से उन्हें स्थायी मुक्ति मिली है। इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जन-सहभागिता से दशकों पुराने जटिल मुद्दों को भी सुलझाया जा सकता है।

Pratahkal Newsroom

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