सवाई माधोपुर: खंडार पुलिस का बड़ा धमाका, देशव्यापी साइबर ठगी के 'म्यूल अकाउंट' नेटवर्क का पर्दाफाश, शातिर आरोपी गिरफ्तार
सवाई माधोपुर की खंडार पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले आरोपी धर्मी योगी को गिरफ्तार किया है। टेलीग्राम इन्वेस्टमेंट और जॉब फ्रॉड जैसे अपराधों में शामिल इस गिरोह का पर्दाफाश पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के निर्देशन में किया गया। जानिए कैसे कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बेचे जा रहे थे बैंक खाते और क्या है पुलिस की अगली रणनीति।

सवाई माधोपुर। राजस्थान में साइबर अपराधियों के खिलाफ छिड़ी महाजंग के बीच सवाई माधोपुर की खंडार पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए डिजिटल डकैती के एक गहरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने एक ऐसे शातिर शख्स को दबोचा है, जो महज चंद रुपयों के कमीशन के लालच में साइबर ठगों को 'हथियार' के रूप में बैंक खाते मुहैया करा रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान धर्मी योगी पुत्र रामधन, उम्र 38 वर्ष, निवासी सांवटा के रूप में हुई है, जो संगठित साइबर अपराध जगत की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है।
इस पूरे घटनाक्रम की पटकथा तब शुरू हुई जब पुलिस को साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध 'म्यूल अकाउंट्स' (किराये के खाते) की जांच के दौरान चौंकाने वाले सुराग मिले। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीना और वृत्ताधिकारी ग्रामीण हंसराज बैरवा के सुपरविजन में खंडार थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी धर्मी योगी टेलीग्राम इन्वेस्टमेंट स्कीम, वर्क फ्रॉम होम जॉब फ्रॉड और विभिन्न डिजिटल धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों के सीधे संपर्क में था। यह आरोपी भोले-भाले लोगों या अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवाता और फिर उन्हें ऊंचे कमीशन पर अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ठगों को सौंप देता था।
पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 17 जनवरी 2026 को खंडार पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा। इस कार्यवाही में थानाधिकारी लक्ष्मण सिंह के साथ सहायक उप निरीक्षक नन्दराम, कांस्टेबल विजयपाल और कांस्टेबल मुलाराम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इन खातों के जरिए देशभर के सैकड़ों निर्दोष लोगों की मेहनत की कमाई को पल भर में साफ किया जा रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इन खातों के जरिए हुए करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की परतों को उधेड़ने में जुटी है। यह गिरफ्तारी उन लोगों के लिए कड़ी चेतावनी है जो छोटे मुनाफे के लिए साइबर अपराधियों का साथ देकर देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau
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