न्याय की चौखट अब फाइलों के बोझ से निकलकर तकनीक के पंखों पर सवार होने के लिए पूरी तरह तैयार है। भविष्य की इन डिजिटल चुनौतियों को स्वीकार करते हुए सवाई माधोपुर न्यायक्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार देखा गया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित ई-कमेटी के तत्वावधान एवं राजस्थान स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी के मार्गदर्शन में न्यायिक कर्मचारीगण की दक्षता और योग्यता संवर्धन हेतु एक दिवसीय ईसीटी (ECT) प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। यह आयोजन मात्र एक प्रशिक्षण सत्र नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ, तीव्र और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री देवेन्द्र दीक्षित ने दूरगामी सोच के साथ अपना संबोधन प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि न्याय प्रणाली धीरे-धीरे और निश्चित रूप से ऑनलाइन मोड की ओर अग्रसर हो रही है। श्री दीक्षित ने कहा कि बदलते परिवेश और भविष्य की जटिल चुनौतियों का सामना करने के लिए इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण की महती आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित सॉफ्टवेयर्स के निरंतर अपडेशन और उनकी बारीकियों को समझना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, ताकि आमजन को मिलने वाली न्याय प्रक्रिया में कोई अवरोध न आए।

तकनीकी सत्रों के दौरान प्रशिक्षण की कमान विशेषज्ञ अधिकारियों ने संभाली। कार्यक्रम की प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रियंका परीक (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के नेतृत्व में मास्टर ट्रेनर श्रीमती रेशमा खांन (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सं. 02, गंगापुर सिटी) तथा सुश्री किरण प्रजापत (अति. सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सं. 01, सवाई माधोपुर) ने उपस्थित कर्मचारियों को अद्यतन तकनीकों की गहन जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षकों ने न केवल नवीन टूल्स के बारे में बताया, बल्कि कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने आने वाली व्यावहारिक तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर उनकी कार्यक्षमता को नई धार दी।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर न्यायिक तंत्र की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों की उत्साहजनक भागीदारी रही। कार्यक्रम में न्यायिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री प्रवीण कुमार शर्मा, वरिष्ठ मुंसरिम श्री अनिल कुमार जैन, सिस्टम ऑफिसर श्री तुलसीराम स्वर्णकार सहित श्री राजेन्द्र कुमार नामा, श्री देवदत्त मीना, श्री राकेश सिंह गुर्जर एवं न्यायक्षेत्र के अन्य समर्पित कर्मचारी उपस्थित रहे। वरिष्ठ मुंसरिम, जिला एवं सेशन न्यायालय सवाई माधोपुर द्वारा जारी यह सूचना इस बात का प्रमाण है कि जिला स्तर पर न्यायपालिका अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए पूरी तरह सुसज्जित हो चुकी है। यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से आने वाले समय में अदालती कामकाज की गति और गुणवत्ता में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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