जिला कारागृह का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों से भेदभाव संबंधी व्यवस्थाओं की हुई पड़ताल
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने सवाई माधोपुर जिला जेल में भोजन, स्वच्छता और विधिक सहायता व्यवस्थाओं की जांच कर बंदियों की समस्याएं सुनीं।

सवाई माधोपुर जिला कारागृह के त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान बंदियों से संवाद करते जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेंद्र दीक्षित, विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम व अन्य अधिकारी।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री देवेंद्र दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स द्वारा जिला कारागृह सवाई माधोपुर का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट याचिका संख्या 1404/2023, सुकन्या सांथा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में जारी निर्देशों की पालना के तहत संपन्न हुआ।
निरीक्षण के दौरान कारागृह में कुल 99 बंदी उपस्थित पाए गए। बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्यों ने बंदियों से सीधे संवाद कर कारागृह में जाति, धर्म, लिंग अथवा विकलांगता के आधार पर किसी प्रकार के भेदभाव की स्थिति, भोजन व्यवस्था, रसोई संचालन, बंदियों के वर्गीकरण तथा संबंधित अभिलेखों में दर्ज विवरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बंदियों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। जांच के दौरान कारागृह में किसी भी बंदी के साथ जातीय, धार्मिक या अन्य आधारों पर भेदभाव किए जाने का कोई मामला सामने नहीं आया।
निरीक्षण दल में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समीक्षा गौतम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनिल जैमिनी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग गोविन्द सहाय मीना, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मनोज कुमार गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक हरकेश मीना तथा संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार लखपत लाल मीना शामिल रहे।
बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला कारागृह के जेलर ताराचंद शर्मा से कारागृह की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सकीय सुविधाओं तथा नवप्रवेशित बंदियों से संबंधित अभिलेखों की जानकारी भी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कारागृह परिसर में एक स्थान पर नल से पानी का रिसाव पाया गया, जिस पर अध्यक्ष श्री देवेंद्र दीक्षित ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त प्रिजन लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता, जेल विजिटिंग लॉयर तथा जेल विजिटिंग अधिकार मित्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल राधेश्याम जोगी सहित कारागृह का स्टाफ उपस्थित रहा।
यह निरीक्षण न केवल कारागृह व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा, बल्कि बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा तथा न्यायिक निर्देशों की प्रभावी पालना का भी महत्वपूर्ण उदाहरण बना।

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