सवाई माधोपुर: जिले में केवल 14 पैथोलॉजी लैब पंजीकृत, अवैध सेंटरों पर कार्रवाई नहीं
चिकित्सा विभाग के रिकॉर्ड में मात्र 14 लैब वैध हैं, जबकि खंडार और गंगापुर सिटी सहित कई कस्बों में बिना पंजीकरण के डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित हो रहे हैं।

सवाई माधोपुर जिले में मानकों के विपरीत संचालित हो रही अवैध पैथोलॉजी लैब्स के कारण मरीजों के स्वास्थ्य पर मंडराते खतरे को लेकर चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में अवैध पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक लैब्स धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं, जबकि चिकित्सा विभाग के रिकॉर्ड में मात्र 14 लैब ही विधिवत पंजीकृत बताई जा रही हैं।
प्रशासन और विभाग की विफलता
हैरानी की बात यह है कि पिछले सात–आठ महीनों से मीडिया द्वारा लगातार इस गंभीर मामले को उजागर किए जाने के बावजूद जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग के अधिकारी अब तक प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम नजर आ रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल जैमिनी को भी इस संबंध में कई बार अवगत करवाया जा चुका है।
"हर बार विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।"
बताया जा रहा है कि सीएमएचओ कार्यालय द्वारा अवैध लैब संचालकों को पंजीकरण करवाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसका कोई ठोस असर दिखाई नहीं दिया।
वैध रूप से पंजीकृत संस्थानों की सूची
जानकारी के अनुसार जिले में केवल 14 डायग्नोस्टिक एवं पैथोलॉजी संस्थान ही वैध रूप से पंजीकृत हैं:
- सूर्य डायग्नोस्टिक सेंटर
- बीआर डायग्नोस्टिक गंगापुर सिटी
- सरस्वती लेबोरेट्री कुस्तला
- विनायक लेबोरेट्री गंगापुर सिटी
- आरोग्यम पॉलीक्लिनिक एंड डायग्नोस्टिक सेंटर गंगापुर सिटी
- कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर सवाई माधोपुर
- श्री कृष्णा लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर
- छाबड़ा लैब एंड एक्स-रे
- संजय डायग्नोस्टिक सेंटर
- शिवम डायग्नोस्टिक सेंटर
- गर्ग पैथोलॉजिकल लेबोरेट्री
- पाराशर डायग्नोस्टिक सेंटर
- रिया डायग्नोस्टिक सेंटर गंगापुर सिटी
अवैध संचालन वाले प्रमुख क्षेत्र
जिले में खंडार, बोली, मलारना डूंगर, भादौती, वजीरपुर, बहरावंडा जैसे कई बड़े कस्बे है जहां भी अनेक लेब ओर डायग्नोस्टिक सेंटर बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे है।
मरीजों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
बिना मान्यता एवं गुणवत्ता मानकों के जांच रिपोर्ट तैयार होने से गलत उपचार का खतरा भी बढ़ जाता है, जो आमजन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ होने की आशंका बनी हुई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि बिना पंजीकरण संचालित हो रही इन अवैध लैब्स पर जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग कब तक कार्रवाई करेगा या फिर इसी तरह आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ जारी रहेगा।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
