सवाई माधोपुर। जिले में आगामी 28 मई को मनाए जाने वाले ईदुलजुहा (बकरीद) के पावन त्यौहार को लेकर प्रशासनिक महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है। पवित्र नमाज के दौरान कानून, शांति एवं चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट काना राम ने एक बड़ा आदेश जारी किया है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी इस विशेष आदेश के तहत जिले के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों में कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आदेश के आधिकारिक विवरण के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट ने संपूर्ण जिले के नगरीय और ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा का सुदृढ़ ताना-बाना बुना है। इसके तहत उपखण्ड मजिस्ट्रेट सवाई माधोपुर को सामान्य चिकित्सालय के पीछे स्थित ईदगाह क्षेत्र की कमान सौंपी गई है, जबकि विकास अधिकारी सवाई माधोपुर को सूरवाल, करमोदा और बजरिया जामा मस्जिद क्षेत्र की कानून व्यवस्था संभालने का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा, कस्बा खण्डार में उपखण्ड मजिस्ट्रेट खण्डार, मलारना डूंगर में उपखण्ड मजिस्ट्रेट मलारना डूंगर और कस्बा बौंली के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट बौंली को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात किया गया है।

प्रशासनिक मुस्तैदी को और अधिक विस्तार देते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट गंगापुर सिटी को गंगापुर सिटी ईदगाह क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था सौंपी गई है। वहीं, कस्बा बामनवास में उप जिला मजिस्ट्रेट बामनवास और कस्बा वजीरपुर में उप जिला मजिस्ट्रेट वजीरपुर कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे। उपखण्ड मजिस्ट्रेट चौथ का बरवाड़ा को कस्बा चौथ का बरवाड़ा के लिए नियुक्त किया गया है, जबकि तहसीलदार चौथ का बरवाड़ा को ईसरदा, शिवाड़ एवं सारसोप क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। ग्रामीण इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए तहसीलदार सवाई माधोपुर को शेरपुर व खिलचीपुर, तहसीलदार खण्डार को छाण व जैतपुर, तहसीलदार मलारना डूंगर को मलारना चौड़, बहतेड़, पीलवा व शेषा, तहसीलदार बौंली को खिरनी, पीपलवाड़ा व पीपलदा और तहसीलदार बामनवास को बैरखण्डी, पीपलाई, बाटोदा व लिवाली क्षेत्र के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर मोर्चे पर उतारा गया है।

इस संवेदनशील मौके पर सांप्रदायिक सौहार्द को अक्षुण्ण रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट काना राम ने एक सख्त कानूनी व प्रशासनिक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सभी उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यरत तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के साथ मिलकर अपने-अपने उपखण्ड क्षेत्रों में लगातार मुस्तैद रहें। जिला मजिस्ट्रेट ने साफ तौर पर आदेश दिया है कि क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव, कानून और शांति व्यवस्था हर हाल में कायम रहनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होने की तनिक भी आशंका या संभावना पर पूरी तरह सतर्क रहें और ऐसे किसी भी मामले की सूचना तत्काल उच्च स्तर पर प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके। प्रशासन की इस अभेद्य घेराबंदी का मुख्य उद्देश्य ईदुलजुहा के इस मुबारक त्यौहार को भाईचारे और शांति के माहौल में संपन्न कराना है।

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