सवाई माधोपुर: महाकाल की शरण में छिपा 'पाखंडी बाबा' गिरफ्तार, रवांजना डूंगर पुलिस ने इंदौर के शातिर ईनामी बदमाश को दबोचा
सवाई माधोपुर की रवांजना डूंगर पुलिस ने उज्जैन से 5000 के ईनामी बदमाश यतीत सोनी उर्फ 'मोटा बाबा' को गिरफ्तार किया है। बाबा बनकर आश्रम में 2.80 लाख की चोरी करने वाला यह शातिर अपराधी एक साल से नाम बदलकर फरार था। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। जानिए कैसे पकड़ा गया यह बहरूपिया चोर।

सवाई माधोपुर। धर्म और आस्था की आड़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर बहरूपिये के खेल का आखिरकार अंत हो गया है। सवाई माधोपुर जिले की रवांजना डूंगर थाना पुलिस ने एक साल से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के ईनामी स्थाई वारंटी को उज्जैन के महाकाल क्षेत्र से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए 'मोटा बाबा' का चोला ओढ़कर अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान छिपाकर फरारी काट रहा था।
पुलिस महानिरीक्षक भरतपुर रेंज और सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह प्रभावी कार्यवाही की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीना और वृत्ताधिकारी हंसराज बैरवा के कुशल सुपरविजन में थानाधिकारी दिलीप कुमार वर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना और साइबर सेल की तकनीकी मदद से जाल बिछाया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इंदौर निवासी यतीत सोनी उर्फ यमगिरी उर्फ मोटा बाबा गुरु जितेंद्र गिरि को धर दबोचा। आरोपी हवाई अड्डे के पीछे, द्वारकापुरी, इंदौर का रहने वाला है, जो वारदात के बाद से ही नाम बदलकर साधु के भेष में छिपता फिर रहा था।
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत 11 सितंबर 2024 को हुई थी, जब परिवादी शंकरलाल ने रवांजना डूंगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी यमगिरी अपने साथी महेश जोशी और विशाल ड्राइवर के साथ शंकरलाल के आश्रम पहुंचा था। रात के अंधेरे में जब आश्रम में सन्नाटा पसरा था, तब इन आरोपियों ने शंकरलाल के सोने का फायदा उठाया और आश्रम में रखे 2 लाख 80 हजार रुपये लेकर रफूचक्कर हो गए। इस शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा नंबर 97/2025 दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक भगवत सिंह को सौंपी थी। हालांकि अन्य आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी यमगिरी लगातार फरार चल रहा था।
आरोपी की गंभीरता और चालाकी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उस पर 5,000 रुपये का ईनाम घोषित किया था और न्यायालय से स्थाई वारंट जारी करवाया था। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी दिलीप कुमार वर्मा के साथ एएसआई भगवत सिंह, कांस्टेबल देशराज, कांस्टेबल विजय और कांस्टेबल अशोक कुमार की अहम भूमिका रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। इस गिरफ्तारी से न केवल एक शातिर अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचा है, बल्कि क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
