सवाई माधोपुर, 13 मई। सवाई माधोपुर जिले में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए चिकित्सा विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने आमजन के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लू और तापघात से बचाव के लिए विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए गए हैं। डॉ. जेमिनी ने आगाह किया है कि गर्मी के इस प्रचंड दौर में लू की चपेट में कोई भी व्यक्ति आ सकता है, किंतु विशेष रूप से बच्चे, वृद्ध, गर्भवती महिलाएं, दोपहर में कार्य करने वाले श्रमिक, यात्री, खिलाड़ी और ठंडी जलवायु से आए व्यक्तियों पर इसका प्रभाव सर्वाधिक होने की आशंका रहती है।

चिकित्सा विभाग के अनुसार शरीर में लवण और पानी की अपर्याप्तता होने पर विषम गर्म वातावरण में तापघात के लक्षण प्रकट होने लगते हैं। इन लक्षणों में सिर का भारीपन, तीव्र सिरदर्द, अत्यधिक प्यास, शरीर में थकावट, जी मिचलाना, सिर चकराना और शरीर का तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट या उससे अधिक तक पहुंच जाना शामिल है। गंभीर स्थिति में पसीना आना बंद हो जाता है, चेहरा लाल पड़ जाता है, त्वचा शुष्क हो जाती है और रोगी बेहोशी की स्थिति में चला जाता है। डॉ. जेमिनी ने चेतावनी दी है कि समुचित उपचार के अभाव में यह स्थिति मृत्यु का कारण भी बन सकती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, तापघात की स्थिति में मस्तिष्क का तापमान नियामक केंद्र काम करना बंद कर देता है और लाल रक्त कोशिकाएं रक्त वाहिनियों में टूटने लगती हैं, जिससे कोशिकाओं का पोटेशियम लवण रक्त संचार में मिलकर हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर देता है।

बचाव के उपायों पर जोर देते हुए सीएमएचओ ने निर्देश दिए हैं कि कुपोषित बच्चों, वृद्धों और गर्भवती महिलाओं को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक छायादार व ठंडे स्थानों पर रखा जाए। धूप में निकलना अनिवार्य होने पर ताजा भोजन और पर्याप्त जल का सेवन करके ही बाहर निकलें तथा अंतराल पर ठंडे पानी, शीतल पेय, छाछ और फलों के रस का सेवन करते रहें। धूप में निकलने पर छाते का प्रयोग करें या सिर व बदन को कपड़े से ढककर रखें। कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए छाया और पानी के पुख्ता प्रबंध होने चाहिए। यदि कोई व्यक्ति प्रभावित होता है, तो उसे तत्काल ठंडे स्थान पर लिटाकर गीले कपड़े से स्पंज करें, कपड़े ढीले करें और होश में होने पर ठंडे पेय पदार्थ देकर नजदीकी चिकित्सा संस्थान पहुंचाएं।

स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक चिकित्सा संस्थान में लू-तापघात के मरीजों के लिए दो से चार बेड आरक्षित रखने, वार्डों में कूलर-पंखे की व्यवस्था सुनिश्चित करने और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। आपातकालीन किट में ओआरएस, ड्रिपसेट, जीएनएस, जीडी, रिंगरलेकटेट फ्लूड और आवश्यक दवाइयां तैयार रखने के साथ ही समस्त स्टाफ को ड्यूटी के प्रति सतर्क रहने हेतु पाबंद किया गया है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पृथ्वी पर लगभग 70 प्रतिशत सीधी अल्ट्रावाइलेट किरणें पड़ेंगी। ऐसे में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें और कमरों में वेंटिलेशन के लिए खिड़की-दरवाजे खुले रखें।

सीएमएचओ ने अन्य महत्वपूर्ण सावधानियों के अंतर्गत मोबाइल का सीमित उपयोग करने की सलाह दी है क्योंकि अत्यधिक गर्मी में मोबाइल फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, वाहनों में गैस वाली वस्तुएं, लाइटर, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, परफ्यूम और बैटरियां न रखें, कार की खिड़कियां थोड़ी खुली रखें, फ्यूल टैंक पूरा न भरवाएं और ईंधन केवल शाम को ही डलवाएं। यात्रा के समय टायरों में हवा का दबाव सामान्य रखें। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बरतें क्योंकि बिच्छू और सांप ठंडी जगहों की तलाश में घरों में घुस सकते हैं। गैस सिलेंडर को धूप से बचाएं, बिजली के मीटर पर लोड न बढ़ाएं और एसी का उपयोग 24-25 डिग्री सेल्सियस पर ही करें। हर दो-तीन घंटे के कार्य के बाद कम से कम 30 मिनट का विश्राम आवश्यक है ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे।

Pratahkal Newsroom

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