सवाई माधोपुर, 19 दिसम्बर। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टी.बी. रोग की समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर उपचार आरंभ किया जा सके।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अमित कुमार गोयल ने बताया कि शिविरों में पोर्टेबल डिजिटल एक्सरे मशीन के माध्यम से लोगों की छाती का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, रात में पसीना, बुखार, बलगम में खून, वजन घटना या लगातार कमजोरी जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्ति संभावित टी.बी. रोगी हो सकते हैं। ऐसे सभी व्यक्तियों से अपील की गई है कि वे नजदीकी शिविर में अपनी जांच कराएं।

डॉ. गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि टी.बी. पूरी तरह से उपचार योग्य रोग है और समय पर जांच एवं इलाज से इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति को टी.बी. जांच और उपचार की सुविधा सुनिश्चित हो।

उपखण्ड चौथ के बरवाड़ा क्षेत्र में शिविरों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। 20 दिसम्बर को चौकड़ी, रायपुरा और सोलपुर, 22 दिसम्बर को अंभयपुरा, ऐंचेर, देवली और समुन्द्रपुरा, 23 दिसम्बर को कालीभाट, जेतपुरा और पिपलवाड़ा, 24 दिसम्बर को रवाजना डूंगर और मानराजपुरा, 26 दिसम्बर को खेडला, खिजूरी और बगावदा, तथा 27 दिसम्बर को कल्याणपुरा, पांचोलास और सांकली में टी.बी. रोग की पहचान के लिए जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होंगे।

स्वास्थ्य विभाग का यह कदम जिले में टी.बी. के प्रकोप को रोकने और ग्रामीण जनता को समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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