सवाई माधोपुर: हम्मीर ब्रिज निर्माण में देरी पर लोक अदालत सख्त, अधिकारियों को निर्देश
स्थायी लोक अदालत ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और रेलवे को शपथ-पत्र के साथ प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।

सवाई माधोपुर, 27 मई 2026। सवाई माधोपुर में हम्मीर ब्रिज निर्माण के बहुप्रतीक्षित जनहित प्रकरण में स्थायी लोक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित और ठोस कार्यवाही के सख्त निर्देश दिए हैं। आमजन की सुविधा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासनिक सुस्ती पर नाराजगी जाहिर की।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रार्थी हरिप्रसाद योगी स्वयं उपस्थित हुए। वहीं, विभागीय पक्ष का प्रतिनिधित्व राजकीय अभिभाषक जितेंद्र शर्मा, सार्वजनिक निर्माण विभाग (एनएच) सवाई माधोपुर की सहायक अभियंता पूजा बेदी और अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता ने किया। सुनवाई के क्रम में विभागों की ओर से पत्रों की प्रतियां अदालत के समक्ष रखी गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अप्रार्थी संख्या 2, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग (एनएच), सवाई माधोपुर को निर्देशित किया कि वे 15 मई 2026 के पत्र के प्रेषण से संबंधित शपथ-पत्र और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य आगामी पेशी पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। इसके अतिरिक्त, अदालत ने अप्रार्थी संख्या 4, डीआरएम वर्क्स, पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा को भी एक राजपत्रित अधिकारी के माध्यम से शपथ-पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इस शपथ-पत्र में यह स्पष्ट करना अनिवार्य होगा कि संबंधित पत्र उन्हें प्राप्त हुआ था या नहीं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि हम्मीर ब्रिज का निर्माण जनहित का एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, जिससे बड़ी संख्या में आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। अदालत ने सभी संबंधित विभागों को इस समस्या के समाधान हेतु संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर संबंधित अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें इस मामले में अब तक हुई प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

